नोएडा, 13 अप्रैल 2026: नोएडा की फैक्टरियों में प्राइवेट कर्मचारियों का सोमवार को प्रदर्शन उग्र हो गया। सैकड़ों कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर कंपनियों की पोल खोल दी। उनका आरोप है कि कंपनियां न्यूनतम वेतन देते हैं, रिकॉर्ड में दोगुना दिखाती हैं और ईएसआईसी-प्लेफ की प्रीमियम 200% बढ़ा देती हैं।
कर्मचारियों के गंभीर आरोप:
सेक्टर-63 स्थित एक फैक्ट्री के बाहर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी रवि शर्मा ने कहा, “हमें 15 हजार देते हैं, 25 बताते हैं और 200 बढ़ाते हैं। ईएसआईसी व पीएफ में फर्जीवाड़ा कर हमारा खून चूस रहे हैं। 8-10 घंटे ओवरटाइम करवाते हैं, लेकिन पैसे नहीं देते।” एक महिला कर्मचारी ने बताया, “महीने का 12-14 हजार ही मिलता है, परिवार चलाना मुश्किल। शिकायत की तो नौकरी से निकाल दिया।”
प्रदर्शन में 500 से अधिक कर्मचारी शामिल हुए। वे सेक्टर-62 से सेक्टर-80 तक मार्च निकालकर नोएडा अथॉरिटी पहुंचे। पुलिस ने भारी सुरक्षा बरती, लेकिन कर्मचारी शांतिपूर्ण रहे। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी) ने इसे ‘वेतन लूट’ का मामला बताया।
सीएम योगी का संज्ञान व अपील:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदर्शन की खबर पर तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “नोएडा फैक्टरियों में कर्मचारियों के शोषण की शिकायत गंभीर है। श्रम विभाग तत्काल जांच करे और दोषी कंपनियों पर सख्त कार्रवाई हो। न्यूनतम वेतन कानून का पालन अनिवार्य। लेकिन हिंसा का सहारा न लें—शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें। सरकार मजदूर हितैषी है।”
प्रशासनिक कार्रवाई:
नोएडा अथॉरिटी ने 10 कंपनियों का औचक निरीक्षण शुरू कर दिया। श्रम आयुक्त ने कहा, “ईएसआईसी-प्लेफ फर्जीवाड़े की जांच होगी। दोषियों पर जुर्माना व लाइसेंस रद्द।” कर्मचारी संगठनों ने वार्ता की मांग की है।
यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश में फैल सकता है, जहां 50 लाख से अधिक फैक्ट्री मजदूर हैं। सरकार ने हेल्पलाइन 1800-180-5314 जारी की। पीएम मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ में मजदूरों का उत्थान जरूरी, वरना उत्पादकता प्रभावित होगी।
15 हजार देते हैं, 25 बताते हैं और 200 बढ़ाते हैं…’, नोएडा फैक्ट्री कर्मचारियों ने खोली कंपनियों की पोल; सीएम योगी ने लिया संज्ञान





