नई दिल्ली देशवासियों को ईद-उल-अज़हा की शुभकामनाएँ देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सभी नागरिकों को पर्व की हार्दिक बधाई दी और सामाजिक सद्भाव, करुणा व राष्ट्र हित में एकजुटता का संदेश दिया। अपने मुख्य संबोधन/ संदेश में प्रधानमंत्री ने त्योहार के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला तथा सेवा भाव और परोपकार के मूल्यों पर जोर दिया।
मुख्य अंश
प्रधानमंत्री ने कहा कि ईद-उल-अज़हा का पर्व बलिदान, दान-धर्म और मानवता की याद दिलाता है। इस अवसर पर लोगों को जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में भाईचारे को मजबूत करने का आग्रह किया गया।
मोदी ने देश में शांति और समृद्धि की कामना की और सभी समुदायों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने कोविड-19 और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के बाद जिन परिवारों और समुदायों ने संघर्ष झेला है, उनके लिए सहानुभूति व्यक्त की और स्वास्थ्य व राहत कार्यों में लगे कर्मियों की सराहना की।
सरकारी पहलों का उल्लेख
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार तथा राज्य सरकारों द्वारा जरूरतमंदों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का संक्षिप्त उल्लेख किया, जिनसे गरीबों, जवानों और वरिष्ठ नागरिकों को लाभ पहुंचता है।
उन्होंने दान के पारदर्शी और जवाबदेह तरीके अपनाने तथा स्थानीय निकायों व स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ मिल कर राहत कार्यों और वितरण कार्यों को प्रभावी बनाने की वकालत की।
साँस्कृतिक व धार्मिक पहल
मोदी ने कहा कि त्योहारों के अवसर पर पारंपरिक रीतियों के साथ-साथ सामाजिक दूरियों और स्वच्छता निर्देशों का पालन करना भी आवश्यक है, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।
उन्होंने युवा पीढ़ी को संदेश दिया कि वे सामाजिक सरोकारों में आगे आएं और जरूरतमंदों की सहायता के लिए स्थानीय स्तर पर पहल करें।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ
विपक्षी नेताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री की बधाइयों का सकारात्मक स्वागत किया। कई राजनैतिक दलों ने भी समुदायों को शांति बनाए रखने और त्योहार का शांतिपूर्ण आयोजन करने का आह्वान किया।
कुछ सामाजिक संगठनों ने सरकार से विशेष राहत उपायों व त्योहार से संबंधित गरीबों के लिए सहायता पैकेजों की माँग भी उठाई है; सरकार ने आश्वासन दिया है कि स्थानीय प्रशासन के माध्यम से सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
स्थानीय स्तर की गतिविधियाँ
राजधानी और राज्यों के बड़े शहरों में सार्वजनिक मस्जिदों और समुदायिक केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित हुए, सामाजिक दूरी और स्वास्थ्य निर्देशों का पालन करते हुए सामूहिक प्रार्थना व सामुदायिक भोजन के आयोजन देखे गए।
कई प्रदेशों में भाजपा व अन्य संगठनों ने गरीबों के लिए अनुदान व खाद्य किट वितरित किए।





