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श्वेता तिवारी

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श्वेता तिवारी 43 वर्ष की उम्र में भी अपनी खूबसूरत अदाओं से लोगों को दीवाना बना देती है। 43 साल की उम्र में भी जब लोगों की नजर उनके ऊपर जाती है तब हर कोई उन्हें देखकर मदहोश हो जाता है। सोशल मीडिया पर श्वेता की कुछ दिल जीत लेने वाली तस्वीर सामने आई है। इन तस्वीरों में वह किसी किताब को पढ़कर ब्लश करती हुई दिखाई दे रही है। श्वेता के इस खूबसूरत अंदाज को देखकर उनके चाहने वाले उनके दीवाने हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 जनपत में 38 अग्निशमन केंद्र का शिलान्यास किया

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लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने आज जनपद लखनऊ से प्रदेश के 25 जनपदों में 38 अग्निशमन केंद्रों का लोकार्पण/शिलान्यास किया। इस अवसर पर 35 अग्निशमन वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनता को बेहतरीन आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने के लिए हमें रिस्पॉन्स टाइम को कम करना होगा। इससे कॉमन मैन का विश्वास विभाग और शासन पर मजबूत होता है।

यह कोई पहली बार सीबीआई नहीं बुला रही है, याद करो नेताजी और हमारे परिवार को कितने दिन सीबीआई के अंडर रहना पड़ा अखिलेश यादव

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लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को कल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि “यह कोई पहली बार सीबीआई नहीं बुला रही है, याद करो नेताजी और हमारे परिवार को कितने दिन सीबीआई के अंडर रहना पड़ा। अगर आप राजनीति कर रहे हैं और PDA के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं तो इन सब चीजों का सामना करना पड़ेगा।”

 

रानी दुर्गावती (1524-1564), गोंडवाना की रानी,

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रानी दुर्गावती (1524-1564), गोंडवाना की रानी, भारतीय इतिहास में हिम्मत और लड़ाई की एक मशहूर शख्सियत हैं। वह मशहूर चंदेल राजवंश में पैदा हुईं और 1542 में गोंडवाना के राजा बनने वाले दलपत शाह से उनकी शादी हुई। 1550 में दलपत शाह के गुजर जाने के बाद, दुर्गावती अपने छोटे बेटे वीर नारायण के लिए रानी के तौर पर राज्य चलाने लगीं।

**इतिहासकार विंसेंट स्मिथ अपनी किताब में रानी दुर्गावती को “काबिल और बहादुर महिला” बताते हैं। वह उनकी राज्य चलाने की समझ की तारीफ करते हुए कहते हैं कि उन्होंने “अक्ल और सख्ती से राज्य चलाया।” दुर्गावती के राज में गोंडवाना के अंदरूनी हालात को सुधारने और राज्य की सुरक्षा को मजबूत करने पर ध्यान दिया गया।

लेकिन, उनकी सबसे बड़ी मुश्किल तब आई जब बादशाह अकबर के तहत बढ़ते हुए मुगल साम्राज्य की नजर गोंडवाना पर पड़ी। मुगलों को रणनीतिक रूप से अहम नर्मदा नदी की घाटी पर कब्जा करना था, जो गोंडवाना से होकर बहती थी। **इतिहासकार एम.एल. सिंह अपनी किताब “रानी दुर्गावती ऑफ गोंड्स” में लिखते हैं कि** दुर्गावती ने मुगलों की मांगों को मानने से इनकार कर दिया और युद्ध की तैयारी करने लगीं। उन्होंने गोंड और राजपूत सैनिकों को इकट्ठा किया और बड़ी मुगल सेना से लड़ने के लिए छापेमार युद्ध की रणनीति अपनाई।

गोंडवाना और मुगल सेनाओं के बीच की आखिरी लड़ाई 1564 में नरवर में हुई, जो आजकल के जबलपुर के पास है। **जैसा कि इतिहासकार सतीश चंद्र अपनी किताब “हिस्ट्री ऑफ मेडीवल इंडिया” में लिखते हैं,** दुर्गावती ने अपनी सेना को खुद आगे बढ़कर लड़ाया, लेकिन मुगल सेना के ज्यादा सैनिकों और हथियारों के सामने उन्हें हार का सामना करना पड़ा। घायल होने के बाद भी, उन्होंने बंदी बनने से मरना बेहतर समझा और अपने राज्य की आजादी के लिए अपनी जान दे दीं।

#इतिहास_की_एक_झलक

प्रथम राष्ट्रपति, भारत रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। मोहन यादव

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भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने संविधान सभा के अध्यक्ष, देश के प्रथम राष्ट्रपति, भारत रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।

आपके स्वभाव की माधुर्यता, चरित्र की विशालता एवं त्याग के गुण भारतवासियों को सदैव प्रेरित करते रहेंगे: CM

Dr Mohan Yadav

देश की आजादी के लिए अपना सबकुछ त्याग देने वाली कमला नेहरू जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन।

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महान स्वतंत्रता सेनानी श्रीमती कमला नेहरू जी स्वतंत्रता आंदोलन में जेल गईं, ​सविनय अवज्ञा और नमक सत्याग्रह जैसे आंदोलनों में शामिल हुईं, हमेशा अपनी बीमारी और तकलीफें छिपाकर आंदोलन के साथ खड़ी रहीं, स्वराज भवन में घायल क्रांतिकारियों की सेवा की, महिलाओं के संगठन खड़े किए और महिला नेतृत्व को दिशा दी। उन्होंने महिला नेतृत्व की ऐसी मिसाल पेश की जिसने देश भर की महिलाओं को प्रेरित किया।

देश की आजादी के लिए अपना सबकुछ त्याग देने वाली कमला नेहरू जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन।

अवध के अंतिम नवाब, मिर्जा वाजिद अली शाह

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अवध के अंतिम नवाब, मिर्जा वाजिद अली शाह ने एक छोटे से कार्यकाल में शासन किया, जो चुनौतियों और विवादों से भरा हुआ था। 1847 में वो गद्दी पर बैठे, उन्हें एक ऐसा राज्य विरासत में मिला जो पहले से ही कमज़ोर था, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ हुए समझौतों की वजह से। कुप्रबंधन के इल्ज़ामों का सामना करने के बावजूद, हालिया अध्ययनों से पता चलता है कि स्थिति उतनी खराब नहीं थी, जितना अंग्रेजों ने पेश किया था। आखिरकार अंग्रेज़ों ने 1856 में अवध को अपने साम्राज्य में मिला लिया।

वाजिद अली शाह कला के दीवाने थे, जो शायरी, संगीत और नाच के बेहद शौकीन थे। उन्होंने मुगलों के पतन के बाद कथक को दरबारी नाच के रूप में पेश किया। अपने राज्य को खोने के बाद वो कलकत्ता निर्वासित हो गए, मगर उन्होंने अपनी कलात्मक रुचि को जारी रखा। यहाँ तक कि उन्होंने निर्वासन में “मिनी लखनऊ” बसाया, जिसमें बगीचे, संगीतकार और कलाकार शामिल थे। उन्हें सत्ता में वापसी की उम्मीद थी, लेकिन आखिरकार 1887 में निर्वासन में ही उनका इंतकाल हो गया। उनकी विरासत पेचीदा है, उनके शासन और योगदान को लेकर अलग-अलग विचार मौजूद हैं।
#इतिहास_की_एक_झलक

सीमा व सागर को सृजन सम्मान मधु पाठक की पुस्तकों का विमोचन

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यू पी प्रेस क्लब व उत्तर प्रदेश साहित्य सभा द्वारा आज 143 वे सृजन सम्मान समारोह में दो पुस्तको का लोकार्पण भी हुआ। सृजन सम्मान से वरिष्ठ शायरा डॉ सीमा श्रीवास्तव व अज़मगढ़ के राकेश पांडेय ‘सागर’ को युवा रचनाकार सम्मान से नवाजा गया। इस अवसर पर मधु पाठक की दो पुस्तकों ‘मैं शब्द हूँ’ व ‘भावों का झरोखा’ का लोकार्पण हुआ। डॉ राम बहादुर मिश्र, हसीब शिद्दीकी, विनोद शंकर शुक्ल व वी बी पांडेय तथा सर्वेश अस्थाना ने रचनाकारों को सम्मानित किया।

सुभाष रसिया और योगी योगेश के संयोजन व राजीव वत्सल के संचालन में प्रतिभा श्रीवास्तव की वाणी वन्दना के साथ हुए कवि सम्मेलन में अविजीत सिंह, डॉ रुद्रमणि, अनुराग मिश्र, केवल प्रसाद ‘सत्यम’ ,गिरधर खरे,मधु दीक्षित,योगी योगेश शुक्ल, मधु पाठक, के.पी.त्रिपाठी ‘पुंज’,महेश चंद्र गुप्त ‘महेश’,अर्श लखनवी,प्रमोद श्रीवास्तव,कीर्ति वाणी, अखण्ड प्रताप सिंह, उमा लखनवी,तमाचा लखनवी,सिराज खान,रजनी राय,सरोज तिवारी ‘आर्यवर्ती’,निर्भय प्रताप सिंह, डॉ संदीप शर्मा सहित लगभग 60 कवियों ने काव्यपाठ किया

पूर्व राज्यपाल उप्र ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की शिष्यचारी भेंट

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लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक से शिष्टाचार भेंट की।

सपा वरिष्ठ नेता सांसद शफीकुर्रहमान बर्क साहब का इंतकाल, अत्यंत दु:खद :अखिलेश यादव

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लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, कई बार के सांसद जनाब शफीकुर्रहमान बर्क साहब का इंतकाल, अत्यंत दु:खद।

उनकी आत्मा को शांति दे भगवान।

शोकाकुल परिजनों को यह असीम दु:ख सहने का संबल प्राप्त हो।

भावभीनी श्रद्धांजलि !

श्वेता तिवारी

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श्वेता तिवारी 43 वर्ष की उम्र में भी अपनी खूबसूरत अदाओं से लोगों को दीवाना बना देती है। 43 साल की उम्र में भी...

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 जनपत में 38 अग्निशमन केंद्र का शिलान्यास किया

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लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने आज जनपद लखनऊ से प्रदेश के 25 जनपदों में 38 अग्निशमन केंद्रों का लोकार्पण/शिलान्यास किया। इस...

यह कोई पहली बार सीबीआई नहीं बुला रही है, याद करो नेताजी और हमारे...

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लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को कल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि "यह कोई पहली बार...

रानी दुर्गावती (1524-1564), गोंडवाना की रानी,

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रानी दुर्गावती (1524-1564), गोंडवाना की रानी, भारतीय इतिहास में हिम्मत और लड़ाई की एक मशहूर शख्सियत हैं। वह मशहूर चंदेल राजवंश में पैदा हुईं...

प्रथम राष्ट्रपति, भारत रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।...

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भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने संविधान सभा के अध्यक्ष, देश के प्रथम राष्ट्रपति, भारत रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी की...