अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि परिसर में बने 14 उप मंदिरों में आज से श्रद्धालुओं के दर्शन शुरू हो गए हैं। राम मंदिर ट्रस्ट ने दर्शन की व्यवस्था के लिए ऑनलाइन पास प्रणाली लागू की है, जिसके तहत प्रतिदिन 1500 श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। इस व्यवस्था के लिए विशेष सॉफ्टवेयर भी तैयार किया गया है। ��
राम मंदिर परिसर के इन उप मंदिरों में राम दरबार, गणपति, हनुमान जी, सूर्य भगवान, भगवती, अन्नपूर्णा माता, शिव मंदिर और सप्त मंडपम के महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषाद राज, माता शबरी और देवी अहिल्या की प्रतिमाएं स्थापित हैं। श्रद्धालुओं को सामान्य पास के जरिए इन मंदिरों के दर्शन कराए जा रहे हैं। ���
ट्रस्ट के अनुसार एक पास पर अधिकतम पांच श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं। पहले दिन से ही भक्तों में उप मंदिरों के दर्शन को लेकर खास उत्साह देखा गया और बड़ी संख्या में ऑनलाइन पास बुक हुए। ��
दर्शन व्यवस्था
ट्रस्ट ने दर्शन को व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए स्लॉट आधारित पास प्रणाली लागू की है। इससे भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी और श्रद्धालु तय समय पर परिसर के उप मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे। ��
किन-किन मंदिरों के दर्शन
राम दरबार।
गणपति मंदिर।
हनुमान जी मंदिर।
सूर्य भगवान मंदिर।
भगवती मंदिर।
अन्नपूर्णा माता मंदिर।
शिव मंदिर।
सप्त मंडपम के मंदिर, जिनमें महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषाद राज, माता शबरी और देवी अहिल्या शामिल हैं। ���
श्रद्धालुओं में उत्साह
अयोध्या में लंबे समय से इन उप मंदिरों के खुलने का इंतजार किया जा रहा था। दर्शन शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं में उत्साह और भी बढ़ गया है, क्योंकि अब वे रामलला के साथ परिसर के अन्य दिव्य मंदिरों के भी दर्शन कर पा रहे हैं।
अयोध्या में राम मंदिर परिसर के 14 उप मंदिरों में दर्शन शुरू, रोज़ 1500 श्रद्धालुओं को मिलेगा पास




