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भारत-इज़राइल संबंधों को मजबूत करने पर फोकस: जयशंकर-साहिर की बैठक में आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’ का संकल्प, गाजा शांति योजना पर चर्चानई

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दिल्ली, 4 नवंबर 2025 (एडिटिंग टाइम: शाम 6:15 बजे IST): भारत और इज़राइल के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने वाली आज की प्रमुख कूटनीतिक घटना रही – विदेश मंत्री एस जयशंकर की इज़राइल के विदेश मंत्री गिदोन साहिर के साथ बैठक। दक्षिण ब्लॉक में हुई इस ‘उत्कृष्ट’ बैठक में दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर जोर दिया, गाजा शांति योजना का समर्थन किया और द्विपक्षीय सहयोग को व्यापक बनाने पर चर्चा की। साहिर अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर कल रात दिल्ली पहुंचे थे और कल (5 नवंबर) रवाना होंगे। यह बैठक इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की संभावित दिसंबर यात्रा से पहले महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यहां बैठक की प्रमुख झलकियां:बैठक के प्रमुख बिंदु: आतंकवाद, शांति और आर्थिक सहयोग पर जोरआतंकवाद के खिलाफ संयुक्त रुख: जयशंकर ने कहा, “हमारे दोनों देश आतंकवाद की चुनौती का सामना कर रहे हैं। सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद के प्रति वैश्विक स्तर पर जीरो टॉलरेंस सुनिश्चित करने के लिए काम करना आवश्यक है।” साहिर ने हमास, हिजबुल्लाह और हूती जैसे ‘आतंकवादी राज्यों’ को उखाड़ फेंकने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “हमास को नष्ट करना राष्ट्रपति ट्रंप की योजना का केंद्र है। गाजा को हथियारबंदी करनी होगी।” साहिर ने पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में हाल के आतंकी हमले की निंदा की।

गाजा शांति योजना का समर्थन: जयशंकर ने साहिर से क्षेत्रीय घटनाक्रम, गाजा शांति योजना और स्थायी समाधान की कोशिशों पर इज़राइली दृष्टिकोण साझा करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “भारत इस योजना का समर्थन करता है और उम्मीद करता है कि यह क्षेत्र में टिकाऊ शांति लाएगी।” साहिर ने पीएम मोदी की 7 अक्टूबर हमास हमले के बाद नेतन्याहू को पहला कॉल करने की सराहना की, कहा “हम इसे कभी नहीं भूलेंगे।”

रणनीतिक साझेदारी का विस्तार: जयशंकर ने द्विपक्षीय निवेश समझौते की हालिया सफलता का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “इज़राइल के कृषि, अर्थव्यवस्था, पर्यटन और वित्त मंत्रियों की हालिया यात्राएं उल्लेखनीय हैं। भारत ने रेल, सड़क, बंदरगाह, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य में नई क्षमताएं विकसित की हैं। हमारे कारोबारी इज़राइल में अवसर तलाश रहे हैं।” साहिर ने भारत को ‘वैश्विक महाशक्ति’ और ‘भविष्य’ बताते हुए लंबी अवधि की साझेदारी का लक्ष्य रखा। उन्होंने I2U2 (भारत-इज़राइल-यूएई-अमेरिका) और IMEC (भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा) जैसे कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स का समर्थन किया।

एमओयू का आदान-प्रदान: बैठक में विदेश सेवा सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट (MEA) और इज़राइल विदेश मंत्रालय के बीच प्रशिक्षण पर एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। जयशंकर ने बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग पर भी विचार-विमर्श किया।

यात्रा का व्यापक एजेंडासाहिर की दो दिवसीय यात्रा के दौरान वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से भी मिलेंगे। वे राजनयिकों, शोध संस्थानों के प्रमुखों और व्यवसाय नेताओं से भी बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, मध्य पूर्व मामलों पर विदेश नीति विशेषज्ञों को ब्रीफिंग भी देंगे। यह यात्रा भारत-इज़राइल संबंधों को और मजबूत करने का संकेत है, खासकर सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा और AI जैसे क्षेत्रों में।जयशंकर का ट्वीट और साहिर की प्रतिक्रियाजयशंकर ने X पर पोस्ट किया, “इज़राइल के विदेश मंत्री गिदोन साहिर के साथ आज नई दिल्ली में उत्कृष्ट बैठक। विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर उत्पादक चर्चा।

आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की पुष्टि।” साहिर ने जवाब में कहा, “जयशंकर को गर्मजोशीपूर्ण आतिथ्य के लिए धन्यवाद। द्विपक्षीय संबंधों और आतंक की साझा चुनौती पर उपयोगी चर्चा।”

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