दिल्ली, 4 नवंबर 2025 (एडिटिंग टाइम: शाम 6:30 बजे IST): भारत के सर्वोच्च न्यायालय में आज (4 नवंबर) कई महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई हुई, जो चुनाव, डिजिटल अर्थव्यवस्था और धार्मिक संपत्ति से जुड़े हैं। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अगुवाई वाली बेंचों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की वैधानिकता, ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 की चुनौतियों और वक्फ संशोधन अधिनियम पर फैसले सुनाए। बिहार चुनाव से ठीक दो दिन पहले SIR पर सुनवाई ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। यहां आज की प्रमुख अपडेट्स:SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की वैधानिकता पर सुनवाई: चुनाव आयोग की दलीलें सुनीं, अगली तारीख 12 नवंबरमामला: बिहार, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में मतदाता सूचियों के SIR पर याचिकाएं (DMK, प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव आदि द्वारा)। याचिकाकर्ताओं ने इसे ‘मताधिकार हनन’ बताया, जबकि चुनाव आयोग ने ‘साफ-सुथरी वोटर लिस्ट’ का दावा किया।
आज की प्रगति: जस्टिस संजीव खन्ना (पूर्व CJI) की बेंच ने चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी की दलीलें सुनीं। आयोग ने कहा, “SIR संवैधानिक है, कोई अपील न आने से साबित।” कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को वोटर लिस्ट की समीक्षा का मौका दिया और वैधानिकता पर फैसला सुरक्षित रखा। DMK ने इसे ‘संवैधानिक अतिक्रमण’ कहा। अगली सुनवाई 12 नवंबर को।
प्रभाव: बिहार के पहले चरण (6 नवंबर) पर असर, जहां 51 करोड़ वोटर प्रभावित। कोर्ट ने SIR 2.0 (4 नवंबर से शुरू) पर असम को बाहर रखा।
ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 को चुनौती: केंद्र से जवाब मांगा, मनी गेम्स पर बहसमामला: प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट, 2025 (मनी गेम्स पर बैन, बैंकिंग-अडवरटाइजिंग प्रतिबंध) को मध्य प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक हाईकोर्ट मामलों के ट्रांसफर पर सुनवाई।
आज की प्रगति: CJI बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने क्लब रूम 11 स्पोर्ट्स बनाम यूनियन ऑफ इंडिया पर सुनवाई की। याचिकाकर्ताओं (शतरंज खिलाड़ी आदि) ने ‘आजीविका हनन’ का तर्क दिया। कोर्ट ने केंद्र से विस्तृत जवाब मांगा, अगली सुनवाई 26 नवंबर। एक अलग PIL में ऑनलाइन जुआ बैन की मांग पर नोटिस जारी।
प्रभाव: एक्ट को ‘स्किल गेम्स’ (रमी, पोकर) को छूट लेकिन ‘मनी गेम्स’ पर सख्ती। याचिकाकर्ता ने कहा, “2,000 ऐप्स प्रभावित, e-स्पोर्ट्स को बढ़ावा मिलेगा लेकिन बैन से नुकसान।”
वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 पर अंतरिम रोक: मुस्लिम पक्ष को राहत, कुछ प्रावधान स्थगितमामला: वक्फ (संशोधन) अधिनियम की संवैधानिकता पर याचिकाएं।
आज की प्रगति: CJI बी.आर. गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने मुस्लिम पक्ष की दलीलें मानते हुए कुछ प्रमुख प्रावधानों (जैसे संपत्ति पंजीकरण) पर अंतरिम रोक लगाई। कोर्ट ने कहा, “अंतिम फैसले तक ये प्रावधान लागू न हों।” हिंदू पक्ष की आपत्ति खारिज।
प्रभाव: वक्फ बोर्ड संपत्तियों पर विवादित बदलाव स्थगित। सुनवाई 23 नवंबर तक CJI गवई के कार्यकाल में चलेगी।
अन्य महत्वपूर्ण सुनवाईवायु प्रदूषण: दिल्ली-एनसीआर में सीएडब्ल्यूएम से हलफनामा मांगा, एहतियाती कदमों पर जोर। AQI 347 पर चिंता।
आवारा कुत्ते: सभी राज्यों के चीफ सेक्रेटरियों को तलब, नसबंदी-शेल्टर डेटा मांगा। अगली सुनवाई में इंटरवेनर्स सुने जाएंगे।
सोनम वांगचुक हिरासत: केंद्र-लद्दाख को नोटिस, 14 अक्टूबर को अगली सुनवाई (देरी से 12 नवंबर)।
आरजी कर डॉक्टर मर्डर: सुo मोटो केस नवंबर तक स्थगित।




