जमघट या गोवर्धन पूजा एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो दीपावली के एक दिन बाद मनाया जाता है। यह पर्व विशेष रूप से उत्तर भारत में मनाया जाता है, लेकिन इसकी धूमधाम देश के अन्य हिस्सों में भी देखी जा सकती है। गोवर्धन पूजा का आयोजन कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को होता है। इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है, जिन्होंने गोवर्धन पर्वत को उठाकर इंद्र के क्रोध से गोकुल के लोगों की रक्षा की थी।
इस दिन पतंग उड़ाने की परंपरा है, जो भगवान कृष्ण की विजय और इंद्र के अहंकार के पतन का प्रतीक है। पतंग उड़ाने से भगवान कृष्ण की जीत की याद में खुशी और उल्लास का इज़हार होता है।
गोवर्धन पूजा का महत्व इस प्रकार है:
– भगवान कृष्ण की पूजा
– इंद्र के अहंकार का पतन
– गोकुल के लोगों की रक्षा
अवध के नवाबों ने जमघट वाले दिन भगवान कृष्ण की विजय को लेकर पतंग उड़ाने का कंपटीशन का आयोजन किया इस कंपटीशन में जीतने वाले को सम्मानित किया जाता था इसमें सभी धर्म के लोग हिस्सा लेते थे इसी परंपरा को आगे बढ़ते हुए आज देखा जा सकता है हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी लोग मिलकर साथ में पतंग उड़ाते हुए नजर आते हैं। इस त्योहार में हमें धार्मिक सद्भाव भी देखने को मिलता है।





