लखनऊ के नेहरू भवन स्थित उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रादेशिक कार्यालय में 7 मार्च 2026 को भव्य रोज़ा इफ्तार आयोजन संपन्न हुआ। यह शाम साझा संस्कृति का प्रतीक बनी, जहाँ मुस्लिम समुदाय के सभी वर्गों के साथ-साथ हिंदू, सिख समेत सभी धर्मों के लोग एक साथ इफ्तार करके एकता का संदेश दिया।�प्रमुख नेताओं की उपस्थिति और संदेशप्रदेश प्रभारी व महासचिव अविनाश पाण्डेय ने रमजान के पवित्र मास को भाईचारे, प्रेम और त्याग का प्रतीक बताया। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इबादत व आत्मिक शुद्धि पर जोर दिया। सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने इसे नफरत के खिलाफ मोहब्बत की रोशनी कहा, जबकि सांसद इमरान मसूद ने कहा कि जनता नफरत की राजनीति से त्रस्त है – हमें साझा विरासत की रक्षा करनी है।�वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद, सांसद प्रमोद तिवारी, तनुज पुनिया, राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, पूर्व सांसद पी.एल. पुनिया, CLP नेता अराधना मिश्रा ‘मोना’, AICC सचिव धीरज गुर्जर, मौलाना यासूब अब्बास, मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, मौलाना फजले मन्नान वाइजी, मौलाना सूफियान निजामी समेत उलेमा व प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित रहीं। सभी ने देश की अखंडता, अमन-चैन व खुशहाली के लिए दुआएँ मांगीं।�गंगा-जमुनी एकता का संकल्पयह आयोजन नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान सजाने जैसा था। रोजेदारों, नागरिकों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक साथ बैठकर इफ्तार किया, जो उत्तर प्रदेश की गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करने वाला था। कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश दिया – जब हाथ से हाथ मिले, तभी भारत मुस्कुराता है। ऐसे कार्यक्रम भाईचारे को बढ़ावा देते हैं।�मलिक न्यूज़ के अनुसार, सभी वर्गों ने साझा इफ्तार में भाग लिया, जो कौमी एकता की गौरवशाली शाम बनी। यह भारत की सच्ची पहचान को रेखांकित करता है।
कांग्रेस का रोज़ा इफ्तार: गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल





