ईरान की राजधानी तेहरान में शिया धर्म गुरु मौलाना कलबे जवाद को अयातुल्लाह खुमैनी अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में लखनऊ के ऐतिहासिक छोटे इमामबाड़े में 1 फरवरी 2026 को एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित हुआ। समारोह का शुभारंभ कुरान पाक की सूरह नंबर 2, आयत नंबर 26 से किया गया: “अल्लाह जिसे चाहे इज्जत दे, जिसे चाहे जिल्लत दे।”समारोह में विभिन्न धर्मों और दलों के प्रमुखों ने भाग लिया। उन्होंने मौलाना कलबे जवाद को अयातुल्लाह खुमैनी अवार्ड मिलने पर बधाई दी और उनके धार्मिक, सामाजिक कार्यों की खुलकर प्रशंसा की। वक्ताओं ने कहा कि यह सम्मान लखनऊ की शान बढ़ाने वाला है, जो शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को वैश्विक पटल पर चमकाता है।प्रमुख वक्ताओं की प्रशंसाहजरत मुफ्ती इरफान मियां फिरंगी महलवी ने शांति प्रयासों की सराहना की।हजरत फजलुर रहमान मनन, इमाम टीले वाली मस्जिद ने धार्मिक योगदान को अमर बताया।हजरत जुनैद हैदर अल्वी, दरगाह काकोरी ने इसे लखनऊ की धरोहर का सम्मान माना।समीना शाह एजाज अली मीनाई ने सामाजिक कार्यों की तारीफ की।पूज्य भंते करजी ने अंतरधर्म सद्भाव का संदेश दिया।बर काउंसिल लखनऊ के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट सुरेंद्र पांडे ने न्याय की जीत कहा।आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस नेता अशोक सिंह, राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष अनुपम मिश्रा, समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. जितेंद्र यादव, और डॉ. स्वामी सारंग ने एकजुट होकर जयकार लगाई।वक्ताओं ने जोर दिया: “यह मौलाना का नहीं, लखनऊ का अवार्ड है।” उपस्थितजनो ने तालियों से समारोह को यादगार बनाया।
ईरान में अयातुल्लाह खुमैनी अवार्ड से सम्मानित: लखनऊ के छोटे इमामबाड़े में मौलाना कलबे जवाद का भव्य सम्मान समारोह





