21 रमज़ान 13 अप्रैल 2023
कार्यालय आयतुल्लाह अल उज़मा सैय्यद सादिक़ हुसैनी शीराज़ी से जारी हेल्प लाइन पर नीचे दिए गये प्रश्नो के उत्तर मौलाना सैयद सैफ अब्बास नक़वी एवं उलेमा के पैनल ने दिए-
लोगों की सुविधा के लिए ‘‘शिया हेल्पलाइन’’ कई वर्षों से धर्म की सेवा कर रही है, इसलिए जिन मुमेनीन को उनके रोज़ा, नमाज़ या किसी अन्य धार्मिक समस्या के बारे में संदेह है, तो वह तमाम मराजए के मुकल्लेदीन के मसाएले शरिया को जानने के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे आप इन नंबरों 9415580936, 9839097407 पर तक स ंपर्क कर सकते हैं। एवं ईमेलः उंेंम स786/हउंपसण्बवउ पर संपर्क करें।
नोट- महिलाओं के लिए हेल्प लाइन शुरू की गयी है जिस मे महिलाओं के प्रश्नों के उत्तर खातून आलेमा देेगीं इस लिए महिलाओं इस न0 पर संपर्क करें। न0 6386897124
प्रष्न: क्या फितरा देने में देर करना यानी कुछ दिन बाद निकाल देगें सही है ?
उत्तर: फितरा देने में देर करना सही नही है।
प्रष्न:एतेकाफ करने के लिए सबसे बेहतर व अफजल कौन कौन सी मस्जिदें है
उत्तर: एतेकाफ करने के लिए सबसे से अफज़ल चार मस्जिदों को है मस्जिदे हराम, मस्जिदे नबवी, मस्जिदे कूफा, मस्जिदें बसरा।
प्रष्न-गुस्ले मसे मय्यत किस कारण वाजिब होता है ?
उत्तर – मय्यत के ठन्डा हो जाने के बाद अगर कोई व्यक्ति मय्यत को छू लेता है तो गुस्ल वाजिब होगा अगर बाल या नाखुन छूता है तो गुस्ल वाजिब नही होगा।
प्रष्न: अगर तकय्या (डर) कि वजह से कोई रोजेदार समय से पहले अफतार कर ले तो क्या उसका रोजा सही होगा?
उत्तर: रोजे की कजा करना जरूरी होगा।
प्रष्न:ः अगर पत्नी सैदानी हो और पति गैरे सैयद हो तो क्या उस पत्नी का फितरा किसी सैयद को दिया जा सकता है?
उत्तर: जो फितरा निकाल रहा है वह गैरे सैयद है इसलिए उसका निकाला हुआ फितरा गैरे सैयद ही का षुमार होगा चाहे वह किसी सैयद का निकाला हो। सैयद को नही दिया जा सकता है।





