लखनऊ, 10 जुलाई, 2023
ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के सद्र मौलाना सैय्यद सायम मेहदी नक़वी ने एक बयान जारी करते हुए लॉ कमीशन को मुख़ातिब करते हुए कहा कि सरकार ने लॉ कमीशन बनाया ताकि कामन सिविल कोड के बारे में जानकारी हासिल करे। लॉ कमीशन 15 जुलाई तक लोगों से कामन सिविल कोड के बारे में अपने अपने ख़्यालात को ज़ाहिर करने को कहा है। मौलाना सायम मेहदी सद्र बोर्ड ने बोर्ड की तरफ से कहा मैं यह कहना चाहता हूं कि हम अपने ख़्यालात का इज़हार उस वक़्त कर सकते हैं कि जब सरकार कामन सिविल कोड की वज़ाहत करे कि वो कैसा चाहती है और कामन सिविल कोड से मुराद यह है। मौलाना ने कहा कि फिलवक़्त आपको इतना लिखना मुनासिब होगा कि हमारे मुल्क हिन्दुस्तान में हिन्दुस्तान के क़ानून ने तमाम मज़ाहिद के लोगों को अपने अपने मज़हब के मुताबिक़ मुकम्मल आज़ादी है जिस की बिना पर 75 साल से हम लोग अमल कर रहे हैं। हिन्दुस्तान में हिन्दू, मुस्लिम, मुसलमानों में शिया सुन्नी सब के क़ानून मुख़तलिफ़ हैं। बुद्ध, जैन, सिख, ईसाई, तमाम मज़ाहिद के लोगों में इसके अलावा सुशील कुमार मोदी जी जोकि बी0जे0पी0 के लीडर और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री हैं उन्होंने एक बयान दिया है कि क़बाईली लोगों को कामन सिविल कोड से अलग रखा जाये यह पढ़ कर ताज्जुब हुआ। क्या क़बाईली रहने वाले हिन्दुस्तानी नहीं हैं। या आप जिसको चाहें कामन सिविल कोड में शामिल करें और जिसको चाहें अलग कर दिया जाये। सरकार इसकी भी वज़ाहत करे।
मेरा ख़्याल यह है कि कामन सिविल कोड (यू0सी0सी0) को ख़त्म कर देने से मुल्क का मफ़ाद होगा क्योंकि क़ानून तमाम मज़ाहिद के लोगों के लिये नुक़सान का सबब होगा। कामन सिविल कोड की सरकारी वज़ाहत के बाद ही अवाम की कामन सिविल कोड के लिये वज़ाहत मुनासिब होगी। यह इत्तेला रहबर अली ने दी





