(हज़रते सय्येदुना मालिक बिन दीनार रज़ि० और यहूदी)
👉एक मरतबा एक यहूदी ने हज़रते सय्येदुना मालिक बिन दीनार रज़ियल्लाहु तआला अन्हु’ के पड़ोस में मकान किराए पर लिया, इस यहूदी का दरवाज़ा आपके दरवाज़े से मुत्तसिल था, यहूदी ने बुग्ज़ इनाद (दुश्मनी) की बुनियाद पर एक ऐसा परनाला तअ्मिर करवाया कि जिस के ज़रिए सारी गलाज़त (गंदगी) आपके मकान में डालता रहता।
यहाँ तक कि आपकी वो जगह जहाँ आप रज़ियल्लाहु तआला अन्हु’ नमाज़ पढ़ते थे वो भी नजिस (नापाक) हो जाती बहुत अर्से तक वो ये अमल करता रहा, मगर आपने कभी शिकायत न कि।
एक दिन उस यहूदी ने खुद ही आकर अर्ज की कि मेरे परनाले की वजह से आपको कोई शिकायत तो नहीं।
आप रज़ियल्लाहु तआला अन्हु’ ने निहायत ही नरमी के साथ फ़रमाया कि परनाले से जो गलाज़त गिरती है उसको झाडू देकर रोज़ाना धो डालता हूँ।
यहूदी ने कहा कि आपको तकलीफ़ होने के बावजूद गुस्सा नहीं आता? फ़रमाया: अल्लाह तआला’ का ये हुक्म है:-👇
“और गुस्सा पीने वाले और लोगों से दर गुज़र करने वाले और नेक लोग अल्लाह अज्जवजल’ के महबूब हैं।”
📖तर्जमा कंजुल ईमान )
👆ये आयाते मुक़द्दस सुनकर वो यहूदी बेहद मुतास्सिर हुआ, और यूँ अर्ज़ गुज़ार हुआ, यक़ीनन आपका दीन निहायत ही उमदा है? आज से मैं सच्चे दिल से इस्लाम क़बूल करता हूँ, फिर उसने कलिमा पढ़ा और मुसलमान हो गया।
📕तज़किरतुल औलिया )
📚फ़ैज़ाने सुन्नत’ पेज़ नं-455)
👉प्यारे इस्लामी भाइयों! अल्लाह अज्जवजल’ के नेक बंदे के अख्लाक निहायत ही उम्दा होते हैं और वो तकलीफ़ पहुँचने पर भी गुस्सा में नहीं आते, और सब्र का दामन नहीं छोड़ते हैं और खताकार की ख़ता भी मुआ़फ कर देते हैं।
और ये भी मालूम हुआ कि इस्लाम अल्लाह वालों के अख्लाक़े ह़सना से ही फैला है।
🖋️न किताबों से न कालेज के है दर से पैदा
दीन होता है बुजुर्गों की नज़र से पैदा।
🕋अल्लाह अज्जवजल’ को नर्मी पसन्द है:-👇
अल्लाह तआला’ मेहरबान है, मेहरबानी को दोस्त रखता है, और मेहरबानी करने पर वो कुछ देता है कि सख्ती पर नहीं देता।
📕मुस्लिम शरीफ़ )
📚फ़ैज़ाने सुन्नत’ पेज़ नं 413)
👉नर्मी को लाज़िम कर लो:-👇
हमारे प्यारे मदनी आक़ा ﷺ ने एक मौक़े पर हज़रते आइशा सिद्दीका रज़ियल्लाहु तआला अन्हा’ से फ़रमाया: नर्मी को लाज़िम कर लो और सख़्ती व फ़हश से बचो।
जिस चीज़ में नर्मी होती है उसको ज़ीनत देती है और जिस चीज़ से जुदा कर ली जाती है उसे ऐबदार कर देती है।
📕मुस्लिम शरीफ़ )
📚फ़ैज़ाने सुन्नत’ पेज़ नं-414)
👉मज़ीद एक हदीसे पाक में आया है:-👇
जो नर्मी से महरूम हुआ वो ख़ैर (भलाई) से महरूम हुआ।
📕मुस्लिम शरीफ़ )
📚फ़ैज़ाने सुन्नत’ पेज़ नं-414)
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👤मुझे अपनी और सारी दुनिया के लोगो के इस्लाह की कोशिश करनी है. إن شاء الله عزوجل
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👉“बराये करम इस पैग़ाम को शेयर कीजिये अल्लाह आपको इसका अजर–ए–अज़ीम ज़रूर देगा आमीन..,(►जज़ाकअल्लाह खैरन◄) 💠⚜💠⚜💠⚜💠⚜💠 ✍अपने नेक दुआओ में याद रखें “मौहम्मद तौहीद) 🕌🕌🕌🕌🕌🕌🕌🕌🕌🕌 👉जरुरी सुचना: तमाम मुसलमान भाइयों से गुज़ारिश हैं कि मेरे गाँव में मस्जिद बनाने के लिये पैसा जमा किया जा रहा है आप लोग 100, 200, रुपये! Account)-(Paytm Googlepe)-(Phonepe) पर भेज कर मस्जिद के तामीर में हिस्सा लें…? अल्लाह आपको इसका अजर–ए–अज़ीम ज़रूर देगा आमीन..,(►जज़ाकअल्लाह खैरन◄)
➤पता: सरमस्तपुर, आलमपुर, घर गढ़सिसई थाना विद्यापतिनगर, जिला समस्तीपुर (बिहार) ‘पिन कोड- 848503) वाड नं 14)
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