Home / चर्चित चेहरे / सूफी बिन अरबी की जीवनी:

सूफी बिन अरबी की जीवनी:

Spread the love

सूफी बिन अरबी की जीवनी:

नाम: मुहीउद्दीन इब्न अरबी

जन्म: 1165, मुर्सिया, स्पेन

मृत्यु: 1240, दमिश्क, सीरिया

प्रसिद्ध किताबें:

1. फुसुस अल-हिकम (पेर्ल्स ऑफ वाइजडम)
2. फुतुहात अल-मक्किया (द मेक्कन रेवेलेशन्स)
3. तर्जुमान अल-अशवाक (द इंटरप्रेटर ऑफ डिजायर्स)
4. किताब अल-इसरा इला मकाम अल-इसरा (द बुक ऑफ द नाइट जार्नी)

जीवन काल:

इब्न अरबी का जन्म 1165 में मुर्सिया, स्पेन में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा स्पेन और उत्तरी अफ्रीका में प्राप्त की और बाद में मध्य पूर्व में बस गए। उन्होंने अपना जीवन अध्यात्मिक खोज और लेखन में बिताया। उनकी मृत्यु 1240 में दमिश्क, सीरिया में हुई थी।

कुछ महत्वपूर्ण बातें:

इब्न अरबी को सूफीवाद के सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक माना जाता है।
उन्होंने इस्लामी दार्शनिक और रहस्यवादी विचारों पर महत्वपूर्ण योगदान दिया।
-उनकी किताबें इस्लामी जगत में व्यापक रूप से पढ़ी और अध्ययन की जाती हैं।
उन्हें “शेख अल-अकबर” यानी “महानतम शेख” के नाम से भी जाना जाता है।

सूफ़ी इब्ने अरबी एक अरब अंदलुसी मुसलमान विद्वान, रहस्यवादी, कवि और दार्शनिक थे जो इस्लामी विचारों के भीतर बेहद प्रभावशाली थे। उनके ८५० कार्यों में से कुछ ७०० प्रामाणिक हैं जबकि ४० से अधिक अभी भी मौजूद हैं। वह सूफीवाद के अभ्यासियों के बीच अश-शेख अल-अकबर (الشيخ الأكبر ‘महानतम शेख; यहाँ से अकबरिया या “अकबेरियन” स्कूल का नाम निकला है) और मुही अद-दीन (محيي الدين, ‘विश्वास का नवीनीकरण’) इब्न ‘अरबी की सम्मानित उपाधियों से प्रसिद्ध हैं,

इब्न अरबी सुन्नी थे, हालांकि बारह इमामों पर उनके लेखन भी शियाओं के बीच लोकप्रिय थे। उनकी मृत्यु के बाद इब्न अरबी की शिक्षाएँ तेजी से पूरे इस्लामी जगत में फैल गईं। उनका लेखन मुसलमान अभिजात वर्ग तक ही सीमित नहीं था बल्कि सूफी आदेशों की व्यापक पहुँच के माध्यम से समाज के अन्य वर्गों में अपनी जगह बनाई। अरबी का काम फ़ारसी, तुर्कियाई और उर्दू में काम के माध्यम से भी लोकप्रिय हुआ ¹.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *