लखनऊ। ईद-ए-ग़दीर के मौके पर राजधानी लखनऊ में शिया समुदाय ने इस्लामी परंपराओं और धार्मिक आस्था के साथ पर्व मनाया। मान्यता के अनुसार, इसी दिन पैगंबर हज़रत मुहम्मद (स.अ.व.) ने Ali ibn Abi Talib को अपना मौला और उत्तराधिकारी घोषित किया था। इस अवसर को समुदाय विशेष महत्व के साथ मनाता है।
ईद-ए-ग़दीर पर लोगों ने रोजा रखा, नमाज अदा की, इबादत की तथा नजर-नियाज का आयोजन किया। घरों, इमामबारगाहों और धार्मिक स्थलों पर विशेष दुआएं की गईं तथा लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद देकर मुंह मीठा कराया।
मुफ्तीगंज, शीश महल, कश्मीरी मोहल्ला, कल्बे आबिद सहित शहर के अनेक शिया बहुल इलाकों में धार्मिक महफिलों, तकरीरों और सबीलों का आयोजन किया गया। महफिलों में इमाम अली (अ.स.) के जीवन, उनके आदर्शों और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला गया। पूरे शहर में भाईचारे, प्रेम और इंसानियत का संदेश देते हुए ईद-ए-ग़दीर का पर्व हर्षोल्लास और अकीदत के साथ मनाया गया।





