25 रमज़ान 17 अप्रैल 2023
कार्यालय आयतुल्लाह अल उज़मा सैय्यद सादिक़ हुसैनी शीराज़ी से जारी हेल्प लाइन पर नीचे दिए गये प्रश्नो के उत्तर मौलाना सैयद सैफ अब्बास नक़वी एवं उलेमा के पैनल ने दिए-
लोगों की सुविधा के लिए ‘‘शिया हेल्पलाइन’’ कई वर्षों से धर्म की सेवा कर रही है, इसलिए जिन मुमेनीन को उनके रोज़ा, नमाज़ या किसी अन्य धार्मिक समस्या के बारे में संदेह है, तो वह तमाम मराजए के मुकल्लेदीन के मसाएले शरिया को जानने के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे आप इन नंबरों 9415580936, 9839097407 पर तक संपर्क कर सकते हैं। एवं ईमेलः उंेंम स786/हउंपसण्बवउ पर संपर्क करें।
नोट- महिलाओं के लिए हेल्प लाइन शुरू की गयी है जिस मे महिलाओं के प्रश्नों के उत्तर खातून आलेमा देेगीं इस लिए महिलाओं इस न0 पर संपर्क करें। न0 6386897124
सवाल- एतिकाफ में रहने की कितनी शर्तें हैं?
जवाबः एतिकाफ में रहने की चंद शर्तें हैं। ईमान, अक्ल, कुरबत की नियत, रोज़ा रखना, तीन रोज़ा कम से कम हो ।
सवाल- अगर किसी औरत का निकाह हो गया हो और वह अभी रूखसती नही हुइ है तो ऐसी सूरत में उस औरत का फितरा कौन तय करेगा?
उत्तर- महिला का सिर्फ निकाह हुवा है वह अपने पिता के घर से अपने पति के घर नहीं गयी है तो उस औरत का फितरा उके पिता निकालेगें।
सवाल- क्या रोजा मगरिब की अजान खत्म होने के बाद ही खोला जा सकता है ?
उत्तर: समय पूरा हो जाए तो रोजा खोला जा सकता है चाहे अजान हो या ना हो अजान एक बुलावा है और एक पहचान है कि अब नमाज का समय हो गया है अथवा अगर कोई व्यक्ति ऐसी जगह है जहॉ अजान नही होती है या मस्जिद नही है तो वहा समय देखकर रोजा खोल सकता है।
सवाल- अगर कोई व्यक्ति अपनी बचत से खुम्स का पैसा नही देता है तो उसका क्या हुक्म है ?
उत्तर: अगर कोई व्यक्ति खुम्स का पैसा नही देता है तो उसका पैसा पाक नही होता है और वह सैयदो और इमामें जमाना अ0स0 के हक का गासिब कहा जाएगा।
सवाल- अगर कोई शख्स कर्जदार हो और कर्ज चुकाने में असमर्थ हो तो क्या वह जकात ले सकता है?
जवाब- साल भर का खर्चा रखने वाला शख्स कर्ज चुकाने के लिए जकात ले सकता है. अगर बेटा कर्जदार हो तो भी वह पिता से जकात का पैसा लेकर कर्ज चुका सकता है.




