सुप्रीम कोर्ट में वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 पर सुनवाई: प्रमुख बिंदु
सुप्रीम कोर्ट ने 16 अप्रैल, 2025 को वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 पर सुनवाई की,
अगली सुनवाई 17 अप्रैल को दोपहर 2 बजे होगी। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने वक्फ बोर्ड की संरचना पर सवाल उठाया, जिसमें 22 में से केवल 8 सदस्य मुस्लिम हैं। कोर्ट बोर्ड में केवल मुस्लिम सदस्यों (एक्स-ऑफिशियो को छोड़कर) की अनिवार्यता पर अंतरिम आदेश पर विचार कर रहा है।
यह मुस्लिम समुदाय की धार्मिक स्वायत्तता (संविधान के अनुच्छेद 26) के उल्लंघन के तर्कों के बीच आया।
कोर्ट ने “वक्फ बाय यूजर” संपत्तियों के पंजीकरण न होने पर डी-नोटिफिकेशन की आशंका पर भी चिंता जताई। AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और विभिन्न दलों की 70 से अधिक याचिकाएं अधिनियम को मुस्लिम धार्मिक अधिकारों का हनन और सरकारी हस्तक्षेप वाला बताती हैं। वहीं, सात बीजेपी शासित राज्य और कुछ आदिवासी संगठन कानून का समर्थन करते हैं, इसे पारदर्शी और दुरुपयोग रोकने वाला मानते हुए।
16 अप्रैल को कोई अंतिम आदेश नहीं हुआ, लेकिन कोर्ट ने बोर्ड में मुस्लिम प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने सहित दो अंतरिम निर्देश जारी करने के संकेत दिए। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तत्काल आदेश का विरोध किया, क्योंकि कोई बोर्ड का कार्यकाल समाप्त नहीं हो रहा। सुनवाई अधिनियम की संवैधानिकता और धार्मिक स्वतंत्रता व संपत्ति अधिकारों पर केंद्रित है।
यह.सारा कलेक्श टीवी चैनल,सोशल मीडिया, आदि वेबसाइट पर उपलब्ध है से एकत्रित किया गया




