Home / राष्ट्रीय / मानव अधिकार दिवस”

मानव अधिकार दिवस”

Spread the love

साथियों ! 🙏😢मानव अधिकार दिवस”
किस कारण मनाएं क्या हम सच मे अपने परिवार ,मे समाज में संवैधानिक संस्थाओं मे *”सभी कमज़ोर असहाय अधिकार न्याय वंचित लोगों को हम समाजी न्याय बराबरी अधिकार देते है,या हमने फ़ैशन बना लिया है।
“”मानव अधिकार दिवस और महिला दिवस””
“”महिलाओं और बच्चों की स्थिति अनाथों दलितों से भी बद्तर जीवन जीने पर मजबूर हो चुकी है।वो पूरा जीवन कोर्ट की चौखट पर जा जा कर मर जाती हैं।
पर न्याय नहीं मिलता🙏
पति दूसरी शादी कर के,पहली पत्नी और बच्चों को छोड़कर, अपने कर्तव्यों से मूह मोड़ आज़ाद ख़ुश रहता है।
✓उत्तर प्रदेश,लखनऊ तेलीबाग की इसकी सच्ची मिसाल ये महिला “”😢 अंग्रेज़ी स्कूल कालेज की पढ़ी लिखी शिक्षित सबा बानो है*😢🙏तलाक़ के दंश से पीड़ित,शहीद,सबा बानो!
आज मुझे अत्यधिक ग़म है, और आक्रोशित होकर,बताना पड़ रहा है ,देश का संविधान देश के नागरिकों को समान रूप से न्याय अधिकार सुरक्षा सम्मान स्वाभिमान का संवैधानिक अधिकार देता है।
प्रन्तु यह सच्चाई है, अधिकांश,कमज़ोर असहाय महिलाओं परिवारों को,विशेष कर मुस्लिम तलाक़ पीड़ित,बलात्कार
हत्या क्रूरता के शिकार न्याय अधिकार से वंचित हैं।
“”फ़ैमली कोर्ट मे वर्षों लग जाते हैं””
तलाक़ दंश से पीड़ित,शहीद,सबा बानो!
✓तुम को शत शत सलाम 🙏🤲 तुम्हारे हाथों की मेंहदी का सफ़र-1-वर्ष,
✓तुम्हारे पति ने केवल इस बात पर तुमको तलाक़ के दंश का ज़हर दिया,
गर्भवती होने पर,मेडिकल स्टोर या डॉक्टर की ग़लत मेडिसिन,खाने से,किडनी फ़ेल हो गई।
✓तुम्हारे पति ने, कर्तव्य निभाने के बजाए तुम्हें पत्नी धर्म के अधिकार से वंचित कर”तलाक़ का क़ागज़ी फ़तवा” थमा,कर,तुमको तन्हा कष्ट पीड़ा झेलने को छोड़ दिया।
“”बाए पोस्ट तलाक़ देकर चला गया””
✓सबा बानों तुम्हारी जान बच जाए, तुम्हारे मां पिता भाई भाभी ने,तुम्हारे इलाज में अपनी सारी जमा पूंजी लगा दी,तुम्हारी बेटी पैदा हुई,नन्ही बेटी का पालन पोषण, शिक्षा की बेहतर व्यवस्था में कुर्बानी दी।
तुम्हारी किडनी के ख़राब होने पर पिता ने किडनी दी,वो फेल हुई,फिर भाई ने अपनी किडनी दिया,ताकि,मासूम बेटी मां की छाओं से मेहरूम ना हो।
“परन्तु 12/वर्ष हो गए ,सबा बानों!😢 तुमको “फ़ैमिली कोर्ट” से न्याय नहीं मिला,मौत ज़रूर मिल गई।
तुम्हारी बेटी सदा के लिए मां पिता के लाड दुलार से महरूम हो गई।
दुख है,समाज में,ऐसे अनाथ,बच्चे सैंकड़ोंऊ हज़ारों,लाखों है।
प्यारी सबा!तुम्हारे कष्ट ग़म तो तुम्हारे साथ चले गए,
दुआ करती हूं,समाज में,अब दूसरी सबा बानों ना पैदा हो।
कोई मां तुम्हारे पति जैसे बेटे को नहीं जने।
सबा ! तुम्हारे पिता भाई भाभी सभी बेटियों को नहीं मिलते।🙏😢 अल्लाह तुमको जन्नतुल फ़िरदौस मे आला मुक़ाम अता फरमाए,आमीन।
प्यारी सबा ! तुम बहुत बहादुर साहसी थीं,अमर रहो गी। तुम्हारी यादों की शमां उन मज़लूम के लिए,और मुस्लिम तलाक़ पीड़ित महिलाओं बच्चों को मशाल दिखाएगी।
तुम्हारे दुनिया से इस तरह चले जाने के
दुःख की असहनीय पीड़ा में,मां, पिता,भाई,भाभी,और मैं जिसे मुझे प्यार से मम्मी कहती थीं,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *