विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इजरायल की दो दिवसीय यात्रा के दौरान कहा कि *भारत और इजरायल दोनों ही आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने* की नीति पर कायम हैं। सिडनी में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए जयशंकर ने इजरायल के प्रति *आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के सहयोग* का आश्वासन दिया।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बयान?
– *इजरायल-भारत रणनीतिक साझेदारी* को मजबूत बनाने के लिए *आतंकवाद* एक प्रमुख चुनौती है।
जयशंकर ने *इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू* और *राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग* से मुलाकात कर *द्विपक्षीय संबंधों* को और गहरा करने पर चर्चा की।
*गाजा शांति योजना* के लिए भारत का समर्थन दोहराया गया, जिससे *स्थायी शांति* के प्रयासों को बल मिला।
जयशंकर का संदेश
“भारत और इजरायल, हम दोनों ऐसे देश हैं जिनकी आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने* की नीति है। हम आतंकवाद के सभी स्वरूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ अपनी लड़ाई में निरंतर समर्थन के लिए आपके आभारी हैं।
*निष्कर्ष*
जयशंकर की इस यात्रा ने *भारत-इजरायल संबंधों* को नई ऊंचाई दी और *आतंकवाद* के खिलाफ *जीरो टॉलरेंस* की नीति को पुनः पुष्ट किया। यह *द्विपक्षीय सहयोग* और *स्थायी शांति* के लिए महत्वपूर्ण कदम है





