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प्रष्न: इस्लाम में गीबत (यानी किसी की बुराई करना) के लिए क्या हुक्म है ?

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11 रमज़ार 03 अप्रैल 2023

कार्यालय आयतुल्लाह अल उज़मा सैय्यद सादिक़ हुसैनी शीराज़ी से जारी हेल्प लाइन पर नीचे दिए गये प्रश्नो के उत्तर मौलाना सैयद सैफ अब्बास नक़वी एवं उलेमा के पैनल ने दिए-
लोगों की सुविधा के लिए ‘‘शिया हेल्पलाइन’’ कई वर्षों से धर्म की सेवा कर रही है, इसलिए जिन मुमेनीन को उनके रोज़ा, नमाज़ या किसी अन्य धार्मिक समस्या के बारे में संदेह है, तो वह तमाम मराजए के मुकल्लेदीन के मसाएले शरिया को जानने के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे आप इन नंबरों 9415580936, 9839097407 पर तक संपर्क कर सकते हैं। एवं ईमेलः उंेंम स786/हउंपसण्बवउ पर संपर्क करें।
नोट- महिलाओं के लिए हेल्प लाइन शुरू की गयी है जिस मे महिलाओं के प्रश्नों के उत्तर खातून आलेमा देेगीं इस लिए महिलाओं इस न0 पर संपर्क करें। न0 6386897124

सवालः क्या रोजेदार के लिए सुबह की नमाज से पहले ब्रश करना जरूरी है?
उत्तर अगर उसे पता है कि में कुछ गेेज़ा दांतों में बची हुई है और दिन मे वह पेट में चली जाएगी तो उसे ब्रश करना जरूरी है।
प्रष्न:ः इस्लाम में गीबत (यानी किसी की बुराई करना) के लिए क्या हुक्म है ?
उत्तर:इस्लाम में गीबत करना यानी किसी की बुराई करना बहुत बड़ा गुनाह है और रवायात में आया है कि जो इन्सान गीबत करता है यानी किसी की बुराई करता है गोया उसने अपने मरे हुए भाई का गोश्त खाया।
सवालः अगर कोई शख्स सोने की अंगूठी वगैरह पहन कर नमाज पढ़ता है तो ऐसी हालत में क्या हुक्म है?
उत्तरः मर्द के लिए सोना पहन कर नमाज पढ़ना और नमाज के अलावा तमाम समय में हराम है।
प्रष्न:ः अगर नमाज मस्जिद में जमाअत से हो रही है और उसमें इमाम से पहले मामूम ने तकबीर कह दी तो क्या उसकी नमाज सही होगी ?
उत्तर: अगर इमाम से पहले कोई तकबीर भेज देता है तो नमाज सही नही होगी।
सवाल- अगर रोज़ेदार सुबह की नमाज़ पढ़कर सो जाए और फिर नजिस हो जाए तो क्या हुक्म है?
उत्तर- रोजेदार उठने के बाद गुस्ल करले उसका रोजा सही है?

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