गृहमंत्री अमित शाह ने एक टीवी चैनल के इंटरव्यू में राहुल गांधी को नैतिकता के मुद्दे पर घेरा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का नैतिकता पर दिया गया बयान उनके पिछले कार्यों से मेल नहीं खाता। अमित शाह ने 2013 के एक मामले का जिक्र किया, जब राहुल गांधी ने मनमोहन सिंह सरकार द्वारा लाए गए एक अध्यादेश को फाड़ दिया था, जिसका उद्देश्य लालू प्रसाद यादव को सजा से बचाना था।
अमित शाह ने कहा, “राहुल जी ने उस अध्यादेश को फाड़ दिया था, जो मनमोहन सिंह जी ने लाया था। अगर उस समय नैतिकता थी, तो अब क्या हो गया? सिर्फ इसलिए कि आपने तीन बार चुनाव हार गए, नैतिकता के मानक जीत या हार से जुड़े नहीं होते। उन्हें सूर्य और चंद्रमा की तरह स्थिर रहना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई मंत्री या मुख्यमंत्री 30 दिनों से अधिक समय तक जेल में रहते हैं, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। अमित शाह ने यह भी कहा कि यह बिल संसद में पास होगा, क्योंकि इसमें नैतिकता और राजनीतिक दलों के बीच स्थिरता की भावना है ¹.





