इराक की सियासत में भूकंप आ चुका है!
नूरी अल-मलिकी… वही नाम जिसने कभी बग़दाद की सत्ता हिलाई थी, अब एक बार फिर प्रधानमंत्री बनने की रेस में सबसे आगे!
मुसमानो को ऑर्डिनेशन फ्रेमवर्क ने उनका नाम प्रस्तावित किया है, जो ईरान समर्थित गठबंधन है। मलिकी को ईरान का करीबी और अयातुल्ला अली खमेनेई का भरोसेमंद माना जाता है।वॉशिंगटन में मची खलबली
इस नामांकन से अमेरिका में हड़कंप मच गया है। ट्रंप प्रशासन को चिंता है कि मलिकी की सरकार ईरान के प्रभाव को बढ़ाएगी।
मार्को रुबियो ने चेतावनी दी है कि ईरान प्रभावित सरकार इराक के हितों को नुकसान पहुंचाएगी।नया पावर गेम शुरू
अगर बग़दाद तेहरान की तरफ झुका, तो क्या अमेरिका की मिडिल ईस्ट रणनीति फेल हो जाएगी?
क्या ट्रंप प्रशासन पीछे हटने पर मजबूर होगा? इराक-ईरान-अमेरिका के बीच तनावपूर्ण खेल तेज हो चुका है। ये सिर्फ सरकार नहीं बदलेगी—पूरा मिडिल ईस्ट हिल सकता है!





