दिल्ली की ऐतिहासिक शाही जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद आतंकवाद के खिलाफ एक विशाल विरोध प्रदर्शन हुआ।
यह प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में आयोजित किया गया था, जिसमें 26 निर्दोष लोग मारे गए थे।
*प्रदर्शन की प्रमुख विशेषताएं:*
– आतंकवाद और पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए गए, जैसे कि “आतंकवाद मुर्दाबाद” और “पाकिस्तान मुर्दाबाद”।
– प्रदर्शनकारियों ने तख्तियों और पोस्टरों के माध्यम से आतंकवाद के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
– बाजार मटिया महल ट्रेडर्स एसोसिएशन ने इस प्रदर्शन का आयोजन किया और कहा कि भारत का मुस्लिम समुदाय आतंकवाद को देश में किसी भी रूप में पनपने नहीं देगा।
*शाही इमाम का बयान:*
– जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की और सभी से इस हमले की पुरजोर निंदा करने और पीड़ित परिवारों के प्रति एकजुटता दिखाने की अपील की।
*प्रदर्शन का व्यापक प्रभाव:*
– यह प्रदर्शन न केवल आतंकवाद के खिलाफ एक कड़ा संदेश था, बल्कि यह भी दर्शाता था कि भारत का हर नागरिक आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है।
– प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान को आतंकवाद के समर्थन के लिए जिम्मेदार ठहराया और कार्रवाई की मांग की।
*निष्कर्ष:*
– दिल्ली की शाही जामा मस्जिद में हुआ यह विरोध प्रदर्शन आतंकवाद के खिलाफ भारतीय समाज की एकजुटता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक था।
– यह प्रदर्शन पूरे देश में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे आंदोलनों का हिस्सा बनकर राष्ट्रीय एकता को और मजबूत करने में योगदान देगा।




