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अखिलेश यादव और मल्लिकार्जुन खड़गे: सरदार पटेल जयंती पर RSS पर बैन की मांग

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नई दिल्ली/लखनऊ, 1 नवंबर 2025: सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक स्वर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है। दोनों नेताओं ने ‘लौह पुरुष’ सरदार पटेल के ऐतिहासिक फैसलों का हवाला देते हुए RSS को देश में नफरत और हिंसा फैलाने का जिम्मेदार ठहराया।मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान: ‘RSS जहर है, पटेल के विचारों का सम्मान तो बैन लगाएं’कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में RSS पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “मेरी निजी राय में RSS पर प्रतिबंध लगना चाहिए। यह संगठन सांप के जहर की तरह देश में नफरत फैला रहा है।” खड़गे ने 18 जुलाई 1948 के सरदार पटेल के एक पत्र का जिक्र किया, जिसमें तत्कालीन गृह मंत्री ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखा था कि महात्मा गांधी की हत्या के बाद RSS ने मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई और नफरत का माहौल बनाया। उन्होंने जोर देकर कहा, “सरदार पटेल ने ही RSS पर बैन लगाया था। अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पटेल के विचारों का सम्मान करते हैं, तो RSS पर फिर से प्रतिबंध लगाना चाहिए।” खड़गे ने BJP पर आरोप लगाया कि NCERT की किताबों से गांधी, गोडसे और 2002 गुजरात दंगों से जुड़े तथ्यों को हटाकर इतिहास को तोड़-मरोड़ रही है।अखिलेश यादव का हमला: ‘पटेल आज RSS विचारधारा पर रोक लगाना चाहते’दूसरी ओर, लखनऊ में सपा मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले अखिलेश यादव ने खड़गे के बयान का समर्थन करते हुए कहा, “देश को आज सरदार पटेल की जरूरत है, जो RSS की विचारधारा पर फिर से रोक लगाएं।” अखिलेश ने याद दिलाया कि सरदार पटेल ने स्वयं RSS पर बैन लगाया था और देश में अब तक तीन बार इस संगठन पर प्रतिबंध लग चुका है। उन्होंने BJP पर निशाना साधते हुए कहा, “BJP की मातृसंस्था RSS नफरत और हिंसा का माहौल पैदा कर रही है। पटेल ने रियासतों को एकजुट कर देश को मजबूत बनाया, लेकिन BJP PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) समाज को हाशिए पर धकेल रही है।” अखिलेश ने यह भी मांग की कि उत्तर प्रदेश की SIR (सामाजिक जांच रिपोर्ट) प्रक्रिया में जातीय जनगणना को शामिल किया जाए, ताकि सामाजिक न्याय सुनिश्चित हो।BJP का पलटवार: ‘कांग्रेस को पटेल की विरासत से चिढ़’कांग्रेस और सपा के बयानों पर BJP ने तीखा जवाब दिया। BJP नेता प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, “RSS को किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं। कांग्रेस पटेल की विरासत को नजरअंदाज कर रही है।” प्रधानमंत्री मोदी ने भी पटेल जयंती पर एक कार्यक्रम में कहा कि कांग्रेस को गुलामी की मानसिकता विरासत में मिली है, जो राष्ट्रवादी आवाजों को दबाती रही। BJP ने आरोप लगाया कि विपक्ष पटेल के योगदान को कमतर आंक रहा है।यह विवाद सरदार पटेल की जयंती के साथ पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर और तेज हो गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयानबाजी 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष की रणनीति का हिस्सा है, जहां RSS और BJP पर निशाना साधा जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए प्रमुख न्यूज चैनलों पर लाइव अपडेट देखें।

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