सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के आतंक पर स्वतः संज्ञान लिया है और इस मुद्दे पर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों के हमलों से रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी फैल रही है, जिसका सबसे ज्यादा खतरा मासूम बच्चों और बुजुर्गों को है। जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि हर दिन सैकड़ों लोग कुत्तों के काटने से पीड़ित हैं और रेबीज की वजह से अपनी जान गंवा रहे हैं।
*मुख्य बिंदु:*
– *आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या*: शहरों और बाहरी इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है, जिससे लोगों को खतरा हो रहा है।
– *रेबीज का खतरा*: आवारा कुत्तों के काटने से रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी फैल रही है, जिसका इलाज समय पर नहीं होने पर मौत हो सकती है।
– *सरकारी कार्रवाई की मांग*: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से इस मुद्दे पर कार्रवाई करने और आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने की मांग की है।
– *पिछले मामले*: दिल्ली के रोहिणी इलाके में एक 6 साल की बच्ची को आवारा कुत्ते ने काट लिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस घटना ने सुप्रीम कोर्ट का ध्यान खींचा है ¹ ² ³.





