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प्रोफेट मोहम्मद पूरी उम्मत,समाज,समुदाय जाति के लिए पैगंबर,संदेश वाहक बनाकर भेजे गए

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ख़ातुमुन नबी मोहम्मद मुस्तफ़ा स,अ की यौमे में पैदाइश सबको बहुत-बहुत मुबारक

.फ्रीलांसर
..शाबू ज़ैदी
7617032786

ख़ातुमुन नबी मोहम्मद6६ मुस्तफ़ा स अ की पैदाइश/जन्मदिन 12 रवि अव्वल 570 ई0 632 अरब के शहर मक्का में हुआ,
आपके पिता का नाम अब्दुल्ला और माता का नाम आमना था,
आपके पिता-माता का देहांत आपके बाल अवस्था में ही हो गया था,
जिसकी वजह से आपका पालन पोषण आपके चाचा अबू तालिब ने किया, अल्लाह,रब,गॉड आपके जन्म के बारे में पहले से ही भविष्यवाणी कर चुका था,
जैसे
कुराने पाक सूरा नंबर 61 आयत 6 जब मरियम के बेटे ईसा ने कहा ऐ बनीइसराइल,
मै तुम्हारे पास अल्लाह का भेजा हुआ रसूल हूं,
और मेरे बाद एक रसूल आएगा,
जिसका नाम अहमद होगा,
उसकी खुशखबरी सुनाता हूं,
किताबों के हवाले से आपके 99 नाम है,
जिसमें मोहम्मद नाम आपके दादा अब्दुल मूतलिब ने रखा अहमद और मोहम्मद का हिंदी अर्थ प्रशासक,योग्य,सम्मानित महान,श्रेष्ठ होता है
यूं तो अल्लाह,रब,गॉड,ईश्वर ने उम्मत अर्थात समुदाय,समाज,राष्ट्रीय,जाति धर्मसमुदाय के लिए नबी,रसूल अर्थात दूत,संदेश वाहक,प्रॉफिट बनाकर भेजो,
इसके बारे में
कुराने पाक सूरा 16 आयत 36
और हमने तो हर उम्मत मैं एक न एक रसूल,पैगंबर,अर्थात दूत संदेशवाहक,प्रॉफिट इस बात के लिए जरूर भेजो कि केवल रब,अल्लाह,ईश्वर की इबादत अर्थात अराधना उपासना,पूजा करो,
तो इसी वजह से मुस्लिम समुदाय की किताबों में लिखा है कि रब ने 1,24000 नबी अर्थात दूत, संदेशवाहक प्रॉफिट भेजे और आखिरी नबी प्रोफेट मोहम्मद हुए, इसके लिए कुराने पाक में लिखा है

सूरा अंबिया 21 आयत नंबर 107 ए रसूल हमने तुमको सारी दुनिया जहां के लिए लोगों के लिए हक़ अज़ सरताप रहमत बनाकर भेजो,

क्योंकि आप 1,24000 में से आखरी नबी,संदेश वाहक ,दूत पूरी दुनिया अर्थात पृथ्वी पर रहने वाले जीवों के लिए रहमत अर्थात,दया करुणा,कृपा,अनुकंपा बनाकर भेजे, हमारे रब ने इतने पैगंबर संदेश वाहक भेजें ताकि मानव सीरतुल मुस्तकीम अर्थात सहमार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करें,
और हमको सद्बुद्धि दे,
रब ने प्रोफेट मोहम्मद को सबसे आखरी में भेजो जब खासकर अरबी क्षेत्र में अधर्म पूरी तरीके से फैल चुका था,
लड़कियों को बाल अवस्था में मार डाला जाता था
तलवार की धार चेक करने के लिए गुलाम के सर उड़ा दिये जाते थे,
लोग अपने माता-पिता के साथ दुर्व्यवहार करते थे
जमीन,जदात के लिए लोग अपने भाइयों का क़त्ल कर देते थे,
जाति मतभेद बहुत बढ़ गया था एक जाति वाले दूसरी जाति के लोगों को नुकसान पहुंचाते थे,
धर्म नाम की कोई चीज नहीं बची थी,
ऐसे वक्त में आप.ने आ कार लोगों में मानवता इंसानियत को जगाने के लिएकाम किया
रब की तरफ सबको बुलाया जिसके लिए आपको काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा आज फिर दुनिया में धीरे-धीरे इंसानियत खत्म हो रही है,
ताकतवर लोग बेगुनाह लोगों का कत्ल कर रहे हैं,
ऐसे समय में प्रोफेट मोहम्मद की दी हुए शिक्षा पर चलने की अत्यधिक जरूरत है

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