8 रमजान 31 मार्च 2023
कार्यालय आयतुल्लाह अल उज़मा सैय्यद सादिक़ हुसैनी शीराज़ी से जारी हेल्प लाइन पर नीचे दिए गये प्रश्नो के उत्तर मौलाना सैयद सैफ अब्बास नक़वी एवं उलेमा के पैनल ने दिए-
लोगों की सुविधा के लिए ‘‘शिया हेल्पलाइन’’ कई वर्षों से धर्म की सेवा कर रही है, इसलिए जिन मुमेनीन को उनके रोज़ा, नमाज़ या किसी अन्य धार्मिक समस्या के बारे में संदेह है, तो वह तमाम मराजए के मुकल्लेदीन के मसाएले शरिया को जानने के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे आप इन नंबरों 9415580936, 9839097407 पर तक संपर्क कर सकते हैं। एवं ईमेलः उंेंम स786/हउंपसण्बवउ पर संपर्क करें।
नोट- महिलाओं के लिए हेल्प लाइन शुरू की गयी है जिस मे महिलाओं के प्रश्नों के उत्तर खातून आलेमा देेगीं इस लिए महिलाओं इस न0 पर संपर्क करें। न0 6386897124
सवालः अगर रोजेदार को इस तरह डकार आए कि उसके मुँह से कुछ खाना निकल आए तो क्या रोजा बातिल है?
जवाबः अगर डकार जरिए मुंह में गेज़ा आ जाए और रोजेदार जानबूझ कर उसे निगल जाए तो रोजा बातिल हो जाता है।
सवालः अगर कोई इंसान बैठकर नमाज पढ़ता है तो उसके लिए अज़ाए सज्दा को बजा लाना मुमकिन नहीं है तो ऐसे में क्या हुक्म है?
जवाबः बीमारी की वजह से अगर नमाज पढ़ने वाला अज़ाए सज्दा को बजा लाना मुमकिन नहीं कोई हरज नहीं नमाज सही है।
सवालः क्या जकात देते वक्त नीयत करना जरूरी है?
जवाबः इस्लाम में हर इबादत की नीयत होती है और जब आप जकात अदा करते हैं तो आपके दिल और दिमाग में यह बात काफी होती है कि आप जकात दे रहे हैं।
सवालः अगर कोई बीमार हो और जोहर से पहले ठीक हो जाए तो क्या रोजा रखना सही है?
जवाबः अगर इंसान ने कोई ऐसा काम नहीं किया है जिससे रोजा टूट जाए तो अगर वह इरादे से रोजा रखता है तो उसका रोजा सही हो जाता है।
सवालः इस्लाम में दाढ़ी रखने का क्या हुक्म है?
उत्तरः इस्लाम में किसी मुस्लिम व्यक्ति की दाढ़ी मुंडवाना हराम है।





