दो दिवसीय इटली दौरे पर पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साझा बयान में कहा कि पिछले लगभग साढ़े तीन वर्षों में मुझे कई बार प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मिलने का मौका मिला है, जो भारत और इटली के बीच करीबी सहयोग और सामंजस्य को दर्शाता है। उनके नेतृत्व में हमारे संबंधों को नई गति, नई दिशा और नया आत्मविश्वास मिला है।
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि हम अपने संबंधों को अपग्रेड करते हुए स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा कर रहे हैं। आज की बैठक में हमने हमारी भावी साझेदारी को और सशक्त बनाने के लिए विस्तृत रूप से चर्चा की। भारत-इटली ज्वाइंट स्ट्रेटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029 हमारी साझेदारी को एक व्यवहारिक और भविष्योन्मुख ढांचा प्रदान करेगा और हम इस पर समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहे हैं।
पीएम ने बताया कि इटली विश्व स्तर पर डिजाइन और सटीकता के लिए जाना जाता है, जबकि भारत स्केल, प्रतिभा और किफायती नवाचार (एफोर्डेबल इनोवेशन) का पावरहाउस है। इसलिए दोनों देश “डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया एंड इटली एंड डिलीवर फॉर वर्ल्ड” के सिद्धांत पर मिलकर काम करेंगे।
रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र पर भी दोनों देशों के बीच करीबी सहयोग को पीएम मोदी ने गहरे आपसी विश्वास का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि हमारी सेनाओं के साथ-साथ दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग भी बढ़ रहा है। भारत-इटली डिफेंस इंडस्ट्रीयल रोडमैप से को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन के मार्ग प्रशस्त हुए हैं।
समुद्री शक्तियों के रूप में भारत और इटली के बीच कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी करीबी सहयोग स्वाभाविक है। पीएम ने कहा कि दोनों देश शिपिंग, बंदरगाह आधुनिकीकरण (पोर्ट मॉडर्नाइजेशन), लॉजिस्टिक्स और ब्लू इकॉनमी पर मिलकर काम करेंगे।
पीएम मोदी ने आतंकवाद को मानवता के लिए गंभीर चुनौती करार देते हुए कहा कि भारत और इटली ने टेरर फंडिंग के खिलाफ साझा पहल करके दुनिया के सामने एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किया है। दोनों देशों ने स्पष्ट संदेश दिया कि जिम्मेदार लोकतंत्र केवल आतंकवाद की निंदा ही नहीं करता, बल्कि उसके वित्तीय चेन को तोड़ने के लिए ठोस कदम भी उठाता है।
यूक्रेन, पश्चिम एशिया और अन्य तनावों पर दोनों नेताओं ने लगातार संपर्क बनाए रखने और सभी समस्याओं का समाधान संवाद (डायलॉग) और कूटनीति (डिप्लोमेसी) के माध्यम से ही करने पर सहमति जताई।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इटली का रिश्ता केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साझी सांस्कृतिक धरोहर पर भी टिका है। अगले वर्ष भारत और इटली के द्विपक्षीय संबंधों की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर “ईयर ऑफ कल्चर” मनाया जाएगा, जिससे सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी।





