लखनऊ — छोटा इमामबाड़ा में मंगलवार को हुसैनाबाद ट्रस्ट को लेकर उलेमा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में लज़ीज़ गली व आसिफी मस्जिद के बगल में बन रही पार्किंग तथा हुसैनाबाद क्षेत्र में बढ़ रहे अवैध कब्जों को लेकर गहन चर्चा हुई।
बैठक में उपस्थित उलेमा और समाजिक हस्तियाँ
मीटिंग में मौलाना कल्बे जवाद, मौलाना सैफ़ अब्बास नक़वी, मौलाना कल्बे सिब्तैन नूरी, मौलाना मीसम ज़ैदी, मौलाना अब्बास इरशाद, मौलाना रज़ा हुसैन, मौलाना हैदर अब्बास, मौलाना फैज़ अब्बास मशहदी, मौलाना मोहम्मद मियां आबिदी, मौलाना मुस्तफ़ा अली खां, मौलाना अख़्तर अब्बास जौन, मौलाना फ़रीदुल हसन सहित बड़ी संख्या में धर्मगुरु और बुद्धजीवी मौजूद रहे।
मुख्य बिंदु और दावें
भाग लेने वाले उलेमा ने कहा कि लज़ीज़ गली व आसिफी मस्जिद के समीप बनाई जा रही पार्किंग से ऐतिहासिक व धार्मिक स्थानों की पवित्रता और आवागमन प्रभावित हो सकता है।
हुसैनाबाद में कथित अवैध कब्जों के बारे में जाँच कराकर अवैध निर्माण हटाने तथा ट्रस्ट की संपत्तियों की रक्षा करने की वकालत की गई।
कुछ वक्ताओं ने स्थानीय प्रशासन और नगर निगम से बातचीत कर त्वरित कार्रवाई की अपील की, जबकि अन्य ने कानूनी कार्रवाई और समुदायिक उपायों पर बल दिया।
आगे की कार्यवाही
बैठक में एक प्रतिनिधि टीम बनाने पर सहमति बनी जो संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर मुद्दों को उठाएगी।
उलेमा ने समुदाय को शांति बनाए रखने और मसलों के हल के लिए कानूनी व संस्थागत मार्ग अपनाने की अपील की।
पृष्ठभूमि (संक्षेप)
हुसैनाबाद व छोटा इमामबाड़ा लखनऊ के ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र हैं। पिछले कुछ समय से स्थानीय जमीन पर बढ़ते कब्जे और विकसित हो रही पार्किंग/इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं, जिसे लेकर समुदाय और प्रशासन के बीच तालमेल की आवश्यकता बताई जा रही है।




