लखनऊ पुलिस ने सैलून मैनेजर रत्ना सिंह आत्महत्या मामले में दो फरार महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जिन पर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा था। गिरफ्तार महिलाओं में पल्लवी जोशी (मुंबई से पकड़ी गई) और वैशाली सिंह शामिल हैं। इससे पहले मुख्य आरोपी शरद सिंह समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार पल्लवी जोशी की गिरफ्तारी मुंबई से हुई, जबकि वैशाली सिंह को लखनऊ में दबोचा गया। दोनों पर रत्ना के साथ कथित तौर पर प्रताड़ना और मानसिक उत्पीडऩ के आरोप हैं।
पुलिस ने कहा है कि गिरफ्तार आरोपियों से विस्तृत पूछताछ जारी है और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
शुरुआती बयान और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कहा कि यह घटना संगठित तरीके से हुई थी और कुछ आरोपियों पर आर्थिक लेन-देन और ब्लैकमेल के भी आरोप हैं।
मृतक का परिवार और आत्महत्या का आरोप
रत्ना की बहन प्रिया ने कहा है कि परिवार को बार-बार धमकियां और उत्पीडऩ का सामना करना पड़ा। प्रिया ने आरोप लगाया कि यह कोई साधारण आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित “मेंटल मर्डर” था, जिसमें आरोपियों ने लगातार मानसिक उत्पीडऩ कर रत्ना को आत्महत्या के लिए उकसाया।
परिवार ने मामले की फास्ट-ट्रैक जांच, दोषियों को सख्त सजा और सुरक्षा की मांग की है।
पूर्व गिरफ्तारी और मामले की पृष्ठभूमि
इस केस में पहले से ही मुख्य आरोपी शरद सिंह सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। उनकी भूमिका के बारे में पूछताछ जारी है।
पुलिस ने घटनास्थल और रतनाकर मोबाइल, मैसेज और कॉल रिकार्ड की भी जांच की है ताकि प्रत्यक्ष-प्रत्याक्ष साक्ष्य जुटाए जा सकें।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि जल्द ही आरोपपत्र दायर किया जाएगा और कोर्ट को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
परिवार की सुरक्षा और संवेदनशीलता के कारण पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं और मीडिया के साथ साझा किए जाने वाले बयान सीमित रखे हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
रत्ना के निधन के बाद स्थानीय समाज में नाराजगी और चिंता है। कई महिला संगठनों ने इस मामले में न्याय की मांग की है और पुलिस से अनुरोध किया है कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच हो।
सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा में है, और उपयोगकर्ता परिवार के लिए न्याय और आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस से संवाद
लखनऊ पुलिस ने कहा है कि जो भी नई जानकारी सामने आएगी, सार्वजनिक तौर पर अपडेट दी जाएगी। पुलिस ने संदिग्धों के खिलाफ कड़ी कर्रवाई का आश्वासन दिया है और अपील की है कि कोई भी व्यक्ति जांच में बाधा न डाले और संबंधित साक्ष्य या गवाह पुलिस को उपलब्ध कराए।





