लखनऊ: प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में जन भवन में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS), लखनऊ द्वारा NAAC (छठीं) मूल्यांकन की तैयारी पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण हुआ। विभिन्न मापदंडों पर चर्चा के दौरान राज्यपाल जी ने सख्त निर्देश दिए।राज्यपाल ने हर तथ्य प्रमाणिक (सर्टिफाइड) एविडेंस और फोटो (कैप्शन सहित) के साथ प्रस्तुत करने को कहा। प्रभावी फीडबैक सिस्टम पर जोर देते हुए विद्यार्थियों-कर्मचारियों से व्यक्तिगत फीडबैक का मानकीकृत फॉर्म तैयार करने और सुझावों से गुणवत्ता सुधार के निर्देश दिए।फैकल्टी, विद्यार्थियों की विविधता (अन्य राज्य/देशों से संख्या) स्पष्ट उल्लेख करें। भत्तों का लाभ फैकल्टी से लेकर सफाईकर्मी, माली, संविदाकर्मियों और उनके बच्चों तक पहुंचे। परिसर कर्मियों व परिजनों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित हो। अध्यापकों, विद्यार्थियों व गैर-शिक्षण कर्मियों की समस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता से हो।सामाजिक कार्यों और शोध पर बलसमुचित गांवों में सर्वाइकल कैंसर, टीबी उन्मूलन, आंगनवाड़ी किट वितरण शिविर लगाएं। CSR फंड का सही उपयोग हो। मेडिकल साइंस में पेटेंट जरूरी—बार-बार बीमारियां, सामाजिक स्वास्थ्य, दिव्यांगता, अर्ली चाइल्ड बर्थ पर शोध करें। अस्पताल-विश्वविद्यालय का दायित्व शोध, नवाचार, औषधि विकास।केंद्रीय बजट (स्वास्थ्य क्षेत्र) का अध्ययन कर पारदर्शी उपयोग। परीक्षा में उत्तर पुस्तिका पुनर्मूल्यांकन में लापरवाही पर अध्यापकों को आर्थिक दंड। कक्षा-प्रशिक्षण में 100% उपस्थिति के नियम। स्वच्छता, जल-भोजन गुणवत्ता, अपशिष्ट प्रबंधन, सोलर लाभ, ग्रीन OPD के डेटा सहित प्रस्तुत करें। सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित।राज्यपाल के ये निर्देश RMLIMS को उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में RMLIMS का NAAC मूल्यांकन प्रस्तुतीकरण: गुणवत्ता सुधार पर सख्त निर्देश





