जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष महमूद मदनी ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि जुल्म के खिलाफ जिहाद अनिवार्य है और स्कूलों में जिहाद के बारे में पढ़ाया जाना चाहिए। मदनी ने कहा कि जिहाद का अर्थ अन्याय और ज़ुल्म के खिलाफ संघर्ष है, न कि हिंसा या आतंकवाद ¹ ² ³।
मदनी ने अपने बयान में कहा कि “जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा” और मुसलमानों को अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिहाद के नाम पर मुसलमानों को बदनाम किया जा रहा है और उन्हें आतंकवादी कहा जा रहा है ⁴ ⁵।
मदनी के बयान पर भाजपा ने पलटवार किया है और कहा है कि यह बयान भड़काऊ और देश को बांटने वाला है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने भी मदनी के बयान पर आपत्ति जताई है और कहा है कि जिहाद का गलत अर्थ बताया जा रहा है ³ ⁶।





