मुंबई: 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के कथित मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया जा रहा है। राणा पर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखने और 2008 के मुंबई हमलों की साजिश रचने का आरोप है। भारतीय जांच एजेंसियों के लिए यह एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि राणा उन प्रमुख संदिग्धों में से एक है, जिन्हें इन हमलों के लिए जिम्मेदार माना जाता है।
राणा के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया
अमेरिकी अदालत ने फरवरी 2024 में राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी, जिसके बाद भारत सरकार की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई। भारत ने 2019 में राणा के प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक अनुरोध किया था। सूत्रों के अनुसार, भारत पहुंचने पर राणा को पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में लिया जाएगा। इसके बाद उसे मुंबई की आर्थर रोड जेल में स्थानांतरित किया जाएगा, जहां उससे हमलों से जुड़े अन्य सुरागों की जांच की जाएगी।
मुंबई हमलों की पृष्ठभूमि
26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमलों ने पूरे विश्व को झकझोर दिया था। लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों ने ताजमहल पैलेस होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और नरीमन हाउस सहित कई स्थानों पर हमला किया था। इन हमलों में 174 लोग मारे गए थे, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल थे, और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। जांच में सामने आया कि हमलों के पीछे लश्कर-ए-तैयबा के साथ-साथ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का भी हाथ था।
राणा पर आरोप है कि उसने हमलों की साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और लश्कर के आतंकवादियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट प्रदान किया। उसका प्रत्यर्पण भारत के लिए न केवल न्याय की दिशा में एक कदम है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग का प्रतीक भी है।
आगे की जांच
एनआईए और अन्य जांच एजेंसियां राणा से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि हमलों के पीछे और कौन-कौन शामिल था। साथ ही, राणा के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और अन्य आतंकी गतिविधियों में उसकी भूमिका की भी गहन जांच होगी।
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26/11 मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा अमेरिका से भारत लाया गया



