दुबई/अबू धाबी: इजरायल-ईरान युद्ध के तात्कालिक बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने शिया समुदाय के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। सरकारी आदेश के तहत देशभर की सभी शिया मस्जिदों को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है, जबकि UAE में कार्यरत शिया नागरिकों को तत्काल अपने मूल देश लौटने का नोटिस जारी किया गया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई इजरायल द्वारा ईरान युद्ध के दौरान UAE को प्रदान किए गए ‘आयरन डोम’ मिसाइल रक्षा प्रणाली और सैनिकों की तैनाती के ठीक बाद हुई है।
क्षेत्रीय विशेषज्ञ इसे मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का संकेत मान रहे हैं, जहां अमेरिका और इजरायल के समर्थन में UAE की यह रणनीति ईरान के खिलाफ एक बड़ा झटका साबित हो सकती है। UAE सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में इसे ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ से जोड़ा जा रहा है। शिया समुदाय से जुड़े संगठनों ने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है।
इस घटना ने वैश्विक स्तर पर बहस छेड़ दी है, खासकर तेल उत्पादक देशों में धार्मिक तनाव के बीच। क्या यह मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया को और जटिल बनाएगा? जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
ईरान युद्ध के बाद UAE का बड़ा कदम: शिया मस्जिदें पूरी तरह बंद, शिया कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश; Israel के Iron Dome और सैनिकों की तैनाती के बाद बड़ी कार्रवाई





