9 रमजान 20 मार्च 2024
कार्यालय आयतुल्लाह अल उज़मा सैय्यद सादिक़ हुसैनी शीराज़ी से जारी हेल्प लाइन पर नीचे दिए गये प्रश्नो के उत्तर मौलाना सैयद सैफ अब्बास नक़वी एवं उलेमा के पैनल ने दिए-
लोगों की सुविधा के लिए ‘‘शिया हेल्पलाइन’’ कई वर्षों से धर्म की सेवा कर रही है, इसलिए जिन मुमेनीन को उनके रोज़ा, नमाज़ या किसी अन्य धार्मिक समस्या के बारे में संदेह है, तो वह तमाम मराजए के मुकल्लेदीन के मसाएले शरिया को जानने के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे आप इन नंबरों 9415580936, 9839097407 पर तक संपर्क कर सकते हैं। एवं ईमेलः उंेंम स786/हउंपसण्बवउ पर संपर्क करें।
नोट- महिलाओं के लिए हेल्प लाइन शुरू की गयी है जिस मे महिलाओं के प्रश्नों के उत्तर खातून आलेमा देेगीं इस लिए महिलाओं इस न0 पर संपर्क करें। न0 6386897124
प्रश्न- यदि कोई व्यक्ति सहरी खा रहा है, इतने मे अज़ान की अवाज़ सुन ले तो क्या रोज़ा सही होगा?
उ0- अगर मुंह में रखे हुए निवाला फौरन निकाल ले तो रोजा सही है।
प्र0- हम खुम्स अदा करते है तो क्या जकात भी हम पर फर्ज होगी?
उ0- जिन 9 चीजों पर जकात वाजिब है अगर वह एक निश्चित मात्रा में हों तो जकात वाजिब होगी।
प्र0- क्या हज के लिए एकत्रित धन पर ख़ुम्स देना अनिवार्य है?
उ0- अगर ख़ुम्स निकला हुवा पैसा नहीं है तो ख़ुम्स देना वाजिब है।
प्र0- यदि शक हो कि सहरी का समय समाप्त हो गया है या नहीं, तो क्या इस संदेह की स्थिति में कुछ खाया-पीया जा सकता है?
उ0- खा-पी सकते हैं, लेकिन अगर आपको बाद में पता चले कि सहरी का समय खत्म हो गया था और अज़ान का समय आ गया था तो आपको इस रोज़े की कज़ा करनी होगी।
प्र0- कई बार मोबाइल में बिना पासवर्ड का नेट कनेक्शन देखाई देता है तो क्या ऐसे वाई-फाई का इस्तेमाल किया जा सकता है?
उ0-यदि सहमति का कोई संकेत नहीं है, तो जाएज़ नही है।





