लखनऊ 17 जनवरी 2021 हुसैनिया जन्नत मआब सैयद तक़ी स्थ्ति अकबरी गेट में कार्यालय आयतुल्लाह सैयद सादिक़ हुसैन शीराज़ी के तत्वधान में तीन दिवसीय मजालिस का सिलसिला जनाबे फातिमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा की शहादत की मुनासिबत से जारी है। जिसकी दूसरी मजलिस ठीक सात बजे शाम में शुरू हुई। मजलिस का आरम्भ तिलावते कलामे पाक से हुआ और शोअराए केराम ने बारगाहे सैयदा जनाबे फातिमा सलामुल्लाह अलैहा में नज़रानए अक़ीदत पेश किया।
मजलिस को आलीजनाब मौलाना मुस्तफा अली खान ने खेताब करते हुऐ कहा कि इस्लाम में एक मुस्लिम महिला के परदा वाजिब किया है लेकिन इस तथ्य के बावजूद कि परदा अनिवार्य है, ज्यादातर मुस्लिम महिलाएं बेपरदा दिखती हैं और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज के समाज में, प्रगति और सुंदरता के लिए परदा को रोकावट माना जाता है, एक महिला जो हिजाब के बिना सुंदरता लाना चाहती है, उसे पता होना चाहिए कि हिजाब के बिना, सौंदर्य में गिरावट आती है सौंदर्यता नहीं हिजाब के बिना, एक महिला का श्रंगार और सम्मान खो जाता है।