सुप्रीम कोर्ट ने NCERT की कक्षा 8 की सोशल साइंस टेक्स्टबुक के उस चैप्टर पर संज्ञान लिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने इसे न्यायपालिका को बदनाम करने की साजिश करार देते हुए किताब पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया और सभी प्रतियां जब्त करने का आदेश दिया।
केंद्रीय मंत्री की प्रतिक्रिया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “हम ज्यूडिशियरी का सम्मान करते हैं। ज्यूडिशियरी ने जो भी कहा है, हम उसका पूरा पालन करेंगे। जो हुआ है, उससे मैं बहुत दुखी हूं। मैं इस पर अफसोस जताता हूं।” उन्होंने तुरंत NCERT को संबंधित किताबें वापस लेने का निर्देश दिया ताकि वे आगे सर्कुलेट न हों।
प्रधान ने जोर देकर कहा कि सरकार का न्यायपालिका का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था, और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।
**कोर्ट का रुख और आगे की कार्रवाई**
चीफ जस्टिस सूर्य कांत की बेंच ने टिप्पणी की, “उन्होंने गोली चला दी। न्यायपालिका खून बहा रही है।” अगली सुनवाई 11 मार्च को निर्धारित है। NCERT ने पहले ही माफी मांग ली है और विवादित चैप्टर हटाने का आश्वासन दिया है।





