1 रमज़ान 12 मार्च 2024
कार्यालय आयतुल्लाह अल उज़मा सैय्यद सादिक़ हुसैनी शीराज़ी से जारी हेल्प लाइन पर नीचे दिए गये प्रष्नो के उत्तर मौलाना सैयद सैफ अब्बास नक़वी एवं उलेमा के पैनल ने दिए-
लोगों की सुविधा के लिए ‘‘शिया हेल्पलाइन’’ कई वर्षों से धर्म की सेवा कर रही है, इसलिए जिन मुमेनीन को उनके रोज़ा, नमाज़ या किसी अन्य धार्मिक समस्या के बारे में संदेह है, तो वह तमाम मराजए के मुकल्लेदीन के मसाएले शरिया को जानने के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे आप इन नंबरों 9415580936, 9839097407 पर तक संपर्क कर सकते हैं।
नोट- महिलाओं के लिए हेल्प लाइन शुरू की गयी है जिस मे महिलाओं के प्रश्नों के उत्तर खातून आलेमा देेगीं इस लिए महिलाओं इस न0 पर संपर्क करें। न0 6386897124
शिया हेल्प लाइन में तमाम मराजए के मुकल्लेदीन के दीनी मसायल जानने के लिए स्ुाबह 10 -12 बजे तक 9415580936- 9839097407 इस नम्बर पर संपर्क करें। एवं ईमेलः उंेंमस786/हउंपसण्बवउ पर संपर्क करें।
प्रश्नः यदि कोई व्यक्ति रमजान के पूरे महीने रोजा रखने का इरादा रखता है और उसके बाद रोजा रखने में असमर्थ है तो क्या हुक्म है?
जवाबः अगर रमजान का रोजा उज़र शरई की वजह से नहीं रखा गया तो क़ज़ा करना पड़ेगा और वह शख्स गुनाहगार नहीं होगा।
सवालः अगर रोजा रखने वाले को मिर्गी का दौरा पड़े या ऐसी कोई बीमारी हो तो रोजे का क्या हुक्म है?
जवाब: मिर्गी से रोजा नहीं टूटता।
सवालः क्या रोजेदार के लिए रोजा खोलने से पहले वजू करना जरूरी है?
जवाबः रोजा खोलने के लिए वुजू करना जरूरी नहीं है, लेकिन वुजू से रहना ही बेहतर है।
सवालः अगर कोई रोजेदार किसी के द्वारा दी गई खजूर से अपना रोजा खोलता है तो क्या उस रोजे का सवाब खजूर देने वाले को मिलेगा?
जवाबः रोजा अफतार कराना बहुत सवाब का काम है, लेकिन किसी दूसरे की खजूर से रोजा अफतार करने से सवाब कम नहीं होता।
सवालः क्या रमजान के महीने में जकात निकालना जरूरी है?
जवाबः जवाबः रमज़ान मे में जकात वाजिब नहीं है, निसाब और वक्त पूरा होने पर जकात वाजिब होती है ।




