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वक़्फ़ एक्ट संशोधन बिल पर मौलाना एक राय क्यों नहीं है,

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वक़्फ़ एक्ट में कई बार संशोधन हुआ है, लेकिन 2024 के संशोधन बिल का लोकसभा में विपक्ष द्वारा जमकर विरोध दर्शाया गया, जिसको देखते हुए सरकार ने उसको जॉइंट पार्लियामेंट कमेटी ( jpc) को भेज दिया है,इधर हमारे देश के मौलाना इस संशोधन बिल के लिए एक राय होते नहीं दिखाई दे रहे हैं,

साथ ही साथ इस संशोधन बिल पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी एतराज दर्ज करा है,पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी तमाम मौलाना की एक बैठक कर वक़्फ़ जानकारी से राय लेते हुए, सबको एक करने की कोशिश नहीं की,इस संबंध में क़ौम के बुद्धिजीवियों का कहना है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ जितने भी मौलाना के ऑर्गेनाइजेशन चल रहे हैं वो सब मिलकर वक़्फ़ जानकारों से राय लेते हुए,माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं वक़्फ़ कल्याण मंत्री से मिलकर अपनी बात रखें और क़ौम में फैला हुआ खलफिशार को खत्म करें, कुछ लोगों का तो यह भी कहना है कि वैसे तो वक़्फ़ संपत्ति व इससे होने वाली अरबो की आमदनी से न तो कोई कॉलेज, यूनिवर्सिटी, हॉस्पिटल, बेरोजगारों को रोजगार दिलाने का साधन बनाया गया, जिससे क़ौम का उत्थान हो, क़ौम किस हाल में जी रही है, लोगों का कहना है, इसकी जानकारी हमारे रहबरों को नहीं है, ऐसे ही कामों को अंजाम देने के लिए अल्लाह वाले लोगों ने अपनी अरबों की संपत्ति को वक़्फ़ किया, बड़ी माफी के साथ कहना पड़ रहा है,लेकिन वक़्फ़ की मंशा नहीं पूरी की जा रही है,
फ्रीलांसर
शाबू ज़ैदी
7617032768

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