अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर षिया समुदाए के वरिष्ठ धर्म गुरु आयतुल्लाह सैयद सादिक़ हुसैनी षीराज़ी के पुत्र आयतुल्लाह सैयद अली षीराज़ी का निधन
दिनांक 12 अगस्त को लखनऊ में आयतुल्लाह सैयद सादिक़ हुसैनी षीराज़ी के कार्यालय में एक षोक सभा का आयोजन हुआ जिसमें आयतुल्लाह सैयद सादिक हुसैनी षीराज़ी के पुत्र सैयद अली षीराज़ी के निधन पर षोक व्यक्त करने के लिये षहर के नामवर बुद्धिजीवियो एवं विद्धवानों ने षिरकत की।
जलसे का आरम्भ कुरआन की तिलावत से हुआ जिसके बाद अनेक बुद्धिजीवियों, षिक्षकों एवं छात्रों ने स्वर्गीय सैयद अली षीराज़ी के इल्मी व दीनी कारनामों पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
जलसे की अध्यक्षता करते हुए मौलाना सैयद सैफ़ अब्बास नकवी ने कहा कि मरहूम ने अपनी सारी जिन्दगी दीन की सेवा और ज्ञान को बंटने और नैतिक मूल्यों की पदोन्नति करने में गुज़ार दी।
मौलाना मुस्तफ़ा अली खाँ ने कहा कि मरहूम सैयद अली षीराज़ी हमेषा ज्ञान ही की चर्चा करते और अपने छात्रों से बहुत ही विनम्रता से पेष आते थे।
मौलाना नफ़ीस अख्तर साहब ने कहा कि मरहूम ने अपनी तहरीरों और अध्याय के माध्यम से समाज में चेतना को जगाने और लोगों के प्रति इस्लाम को चिंहित करवाने में अहम रोल अदा किया। उनका हमारे बीच न होना एक बड़ा नुकसान जिसकी पूर्ति असम्भव है।
इस मौक़े पर मौलाना सैयद अफ़ज़ाल हुसैन, मौलाना मुस्तफ़ा अली खाँ अदीबुल हिन्दी, मौलाना सैयद सुहैल अब्बास, मौलाना काज़िम मेहदी, मौलाना नासिर अब्बास ज़ैदी, मौलाना क़मरुल हसन, मौलाना वज़ीर हसन ज़ैनबी, मौलाना सैयद नसीमुल हसन खाँ, मौलाना आसिफ़ सेथली, मौलाना मष्रिकैन, मौलाना मिर्ज़ा वाहिद हुसैन, मौलाना रहबर अस्करी व डा0 अली सलमान साहब उपस्थित थे।
अंत में सामूहिक प्रार्थना का आयोजन हुआ जिसमें मरहूम के लिये स्वर्ग में उच्च स्थान प्राप्त होने की प्रतिज्ञा ली गयी।
आयतुल्लाह सैयद सादिक़ हुसैनी षीराज़ी के पुत्र आयतुल्लाह सैयद अली षीराज़ी का निधन




