Warning: Undefined array key "ZXUdxt" in /home/podcloud/therevolutionnews.com/wp-includes/blocks/avatar.php on line 1
यूपी में 12,135 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त, लखनऊ में सबसे अधिक 1114 मामले खारिज, UMEED पोर्टल पर 6 जून तक मौका - The Revolution News
Home / उत्तर प्रदेश / यूपी में 12,135 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त, लखनऊ में सबसे अधिक 1114 मामले खारिज, UMEED पोर्टल पर 6 जून तक मौका

यूपी में 12,135 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त, लखनऊ में सबसे अधिक 1114 मामले खारिज, UMEED पोर्टल पर 6 जून तक मौका

Spread the love

उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। राज्य में 12,135 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई गलत ब्यौरे, दस्तावेजों में त्रुटि और अपूर्ण जानकारी के चलते की गई है। यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने इन पंजीकरणों को खारिज किया है, जबकि राज्य में कुल 1.26 लाख वक्फ संपत्तियां पंजीकृत बताई जा रही हैं।
पंजीकरण क्यों खारिज हुए
जानकारी के अनुसार, कई मामलों में संपत्ति से जुड़े ब्यौरे गलत पाए गए, कुछ में दस्तावेज अधूरे थे और कुछ रजिस्ट्रेशन में आवश्यक विवरण सही ढंग से दर्ज नहीं किए गए थे। इन्हीं कारणों से बोर्ड ने बड़ी संख्या में पंजीकरण निरस्त किए हैं। यह कार्रवाई वक्फ रिकॉर्ड को दुरुस्त करने और गलत प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया का हिस्सा बताई जा रही है।
जिलावार स्थिति
सबसे अधिक पंजीकरण लखनऊ में निरस्त किए गए हैं, जहां 1114 मामले खारिज हुए। इसके बाद बिजनौर में 1003, सहारनपुर में 990 और बाराबंकी में 577 पंजीकरण निरस्त किए गए हैं। वहीं अमरोहा में 86, बागपत में 60 और बरेली में 17 मामलों को खारिज किया गया है।
UMEED पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन
भारत सरकार के UMEED पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है। इस पोर्टल पर पंजीकरण की अंतिम तिथि 6 जून तय की गई है। ऐसे में जिन संपत्तियों के दस्तावेजों में त्रुटि है, उनके लिए समय रहते सुधार और पुनः सत्यापन की जरूरत होगी।
प्रशासनिक असर
इतनी बड़ी संख्या में पंजीकरण निरस्त होने से वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड, स्वामित्व और प्रबंधन को लेकर फिर से जांच-पड़ताल तेज होने की संभावना है। इससे संबंधित संस्थाओं और मुतवल्लियों पर दस्तावेज सही रखने और समय पर आवेदन पूरा करने का दबाव भी बढ़ेगा। प्रशासनिक स्तर पर यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *