इज़राइल के यरूशलम के बाहरी जंगली इलाकों में 30 अप्रैल 2025 को शुरू हुई भीषण आग ने विकराल रूप ले लिया है,
जिसके कारण सरकार को राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करना पड़ा।
तेज़ हवाओं और गर्म मौसम के कारण आग तेज़ी से फैली,
जिससे यरूशलम और तेल अवीव को जोड़ने वाला प्रमुख राजमार्ग बंद करना पड़ा। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकाला गया है, और सेना को बचाव व आग बुझाने के लिए तैनात किया गया है।
इज़राइल की आपातकालीन चिकित्सा सेवा के अनुसार, अब तक 23 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 13 को जलने और धुएं के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया। राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इटमार बेन ग्वीर ने आगजनी को संभावित कारण बताया, और पुलिस ने पूर्वी यरूशलम में एक व्यक्ति को आग लगाने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी है कि आग यरूशलम शहर तक पहुंच सकती है। इज़राइल ने अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील की, जिसके जवाब में इटली, क्रोएशिया, स्पेन, फ्रांस, रोमानिया, और यूक्रेन ने अग्निशमन विमान भेजे हैं। यह आग इज़राइल के इतिहास की सबसे विनाशकारी आग मानी जा रही है, जिसकी तुलना 2010 की माउंट कार्मेल आग से की जा रही है।
1 मई 2025 तक आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था, लेकिन लगभग 2,890 एकड़ जंगल जल चुका है। यरूशलम को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, और स्थिति स्थिर करने के प्रयास जारी हैं।





