क़ुरआने पाक/ आले इमरान 3/ आयत नंबर 61
फिर जब तुम्हारे पास इल्मे में कुरान आ चुका और (नसर्रानी ) ईसा के बारे में हुज्जत करें
तो कहो कि आओ हम अपने बेटों को बुलाएं,तुम अपने बेटों को बुलाओ, हम अपनी औरतों को बुलाए, तुम अपनी औरतों को बुलाओ हम अपनी जानो को बुलाए तुम अपनी जानो को बुलाओ और अल्लाह की बारगाह में दुआ करें,और झूठों
पर अल्लाह की लानत करें,
तफसीरे :कुरान और हदीसों में इसका जिक्र है के प्रोफेट मोहम्मद अपने साथ अपनी बेटी फातिमा जहरा,दामाद इमाम अली और नाती हसन हुसैन को गोदी में लेकर गए ईसाइयों के बुद्धिजीवियों ने दूर से देखकर कहा कि ये कौन नूरानी शख्सियत है
यह अगर पहाड़ के लिए बद्दुआ कर दे,तो पहाड़ ज़ेरा हो ज़ेरा जाएगा,इसाई बुद्धिजीवी दुआ और झूठे पर लानत से भाग गए,और प्रोफेट मुहम्मद ने कहा कि यही मेरे अहलेबेत हैं
अब वो लोग सोच ले,
जो इन पंजतन का मर्तबा कम करते हैं और दूसरों को उनके मुकाबले में खड़ा कर देते हैं और गदीर,आयते तथहीरा यानी हदीसे किसा, उनकी मोहब्बत में इन पर हुए जुल्म पर रोते हैं उन बिद्द्त कहने वालों का क्या होगा, मेरा मकसद किसी का दिल दुखाना नहीं,लोगों को अपनी बुद्धि के हिसाब से सही बात बताना -समझना है और चर्चा करना ताकि सही चीज सामने आ सके लोगों का ईमान मजबूत हो????
आशिक़े पंजतन-अहलेबेत
शाबू ज़ैदी
7617032786





