Home / राष्ट्रीय / मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारत मण्डप में आयोजित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में सम्मिलित हुए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारत मण्डप में आयोजित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में सम्मिलित हुए।

Spread the love

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  आज नई दिल्ली स्थित भारत मण्डप में आयोजित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में सम्मिलित हुए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर के एक नए युग का सूत्रपात किया है।

वर्ष 2017 में प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लम्बाई 8,364 किलोमीटर थी, जो वर्ष 2024 में बढ़कर 12,733 किलोमीटर हो गई है। इस दौरान प्रदेश में कुल राष्ट्रीय राजमार्गों की संख्या भी 48 से बढ़कर 93 हो गई है।

जनसंख्या की दृष्टि से प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के औसत को राष्ट्रीय औसत के स्तर पर लाने के लिए 11,500 किलोमीटर अतिरिक्त राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने होंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार की प्रक्रिया को थमने नहीं दिया जाएगा। इसमें आने वाली हर अड़चन का समयबद्ध ढंग से निस्तारण कराया जाएगा।

राष्ट्रीय राजमार्गों के तेजी से विस्तार के लिए राज्य सरकार निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयास करेगी।

वर्ष 2025 में प्रयागराज महाकुम्भ का आयोजन है। ‘प्रयागराज महाकुम्भ-2025’ से संबंधित परियोजनाओं, जिसमें प्रयागराज रिंग रोड भी शामिल है, को दिसम्बर, 2024 तक पूर्ण किया जाना इसके सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन में सहायक होगा।

वाराणसी, मथुरा और अयोध्या प्रदेश के मुख्य दर्शनीय स्थल हैं, जिनमें पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों की संख्या दिनों-दिन बढ़ रही है। वाराणसी रिंग रोड के बचे हुए कार्य (गंगा ब्रिज) को पूर्ण करने के पश्चात इस रिंग रोड को शीघ्र ही यातायात के लिए उपलब्ध कराए जाने से आम जनता का आवागमन सुगम होगा।

प्रदेश के 18 में से 13 मण्डलों में रिंग रोड निर्माण की प्रक्रिया या तो चल रही है या पूरी हो चुकी है। प्रदेश के 05 मण्डल अलीगढ़, देवीपाटन, झांसी, मीरजापुर और सहारनपुर में रिंग रोड बनाए जाने से यातायात सुगम होगा।

राष्ट्रीय राजमार्गों के क्रियान्वयन में जो व्यवधान हैं, उनका प्रदेश में समयबद्ध ढंग से समाधान किया जाएगा।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया एवं मुआवजा वितरण को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य सरकार ने यह भी तय किया है कि किसी भी विभाग की भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार के लिए निःशुल्क दी जाएगी। फॉरेस्ट क्लियरेंस भी समय पर कराया जाएगा।

राष्ट्रीय राजमार्गों की परियोजनाओं पर यूपी पीटीसीएल द्वारा लगाया जाने वाला शटडाउन शुल्क भी प्रदेश सरकार द्वारा नहीं लिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *