काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक और भारत रत्न से सम्मानित महामना पं. मदन मोहन मालवीय का जन्म 25 दिसंबर, 1861 को हुआ था पंडित मदन मोहन मालवीय ने स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेकर मां भारती की सेवा की, मालवीयजी एक प्रख्यात वकील भी थे, एक वकील के रूप में उनकी सबसे बड़ी सफलता चौरी-चौरा कांड के अभियुक्तों को फांसी से बचा लेने की थी, चौरी-चौरा कांड में 170 भारतीयों को सजा-ए-मौत देने का ऐलान किया गया था, लेकिन महामना ने अपनी योग्यता और तर्क के बल पर 151 लोगों को फांसी के फंदे से छुड़ा लिया था !
शिक्षा के क्षेत्र में महामना का सबसे बड़ा योगदान काशी हिंदू विश्वविद्यालय के रूप में दुनिया के सामने आया था, उन्होंने एक ऐसी यूनिवर्सिटी बनाने का प्रण लिया था, जिसमें प्राचीन भारतीय संस्कृति को कायम रखते हुए देश-दुनिया में हो रही तकनीकी प्रगति की भी शिक्षा दी जाए, अंतत: उन्होंने अपना यह प्रण पूरा भी किया ! यूनिवर्सिटी बनवाने के लिए उन्होंने दिन रात मेहनत की और 1916 में भारत को बीएचयू के रूप में देश को शिक्षा के क्षेत्र में एक अनमोल तोहफा दे दिया
💐 #महामनापं.मदन मोहन मालवीय अमर रहें 💐 🙏🌹#जन्मदिवसपरशतशतनमन 🙏🌹