लखनऊ-अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल ने कहा मंडी परिषद की तानाशाही किसी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी मंडी परिषद ने मनमानी करते हुए उत्तर प्रदेश में मंडी के बाहर समाप्त हुए मंडी शुल्क फिर से लागू करने का निर्णय लिया है जो व्यापारी का उत्पीड़न और शोषण करने वाला है इस मंडी शुल्क की आड़ में व्यापारी पर इंस्पेक्टर राज के जरिए उसको परेशान किया जाएगा जो किसी भी कीमत पर स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है। संदीप बंसल ने कहा कि मंडी शुल्क एवं 1 जनवरी से देश में कपड़े, जूते, ईट भट्टे पर बढ़ाई जाने वाली जीएसटी की दरों के विरोध में उत्तर प्रदेश के सभी विधायकों एवं मंत्रियों को 15 एवं 16 दिसंबर को मिलकर ज्ञापन दिया जाएगा और उनसे स्पष्ट कहा जाएगा कि व्यापारी वर्ग के ऊपर इस प्रकार का अत्याचार असहनीय है एक और जहां डीजल पेट्रोल लगातार मांग किए जाने के बाद भी अभी तक जीएसटी के दायरे में शामिल नहीं किया गया है वहीं दूसरी ओर मंडी शुल्क और जीएसटी बढ़ा कर व्यापारी को बर्बाद किए जाने का मसौदा तैयार किया जा रहा है बहुराष्ट्रीय कंपनियां हर घर तक हर मोबाइल तक पहुंच चुकी है जिसकी वजह से वैसे ही खुदरा व्यापार अंधकार में है यदि सरकार इस पर नहीं मानी तो 19 दिसंबर को प्रयागराज में होने वाली व्यापारी पंचायत में इस पर ठोस निर्णय लिया जाएगा। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रदीप अग्रवाल, प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं नगर महामंत्री सुरेश छाबलानी, उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आकाश गौतम ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मंडी शुल्क को तत्काल वापस लिए जाने की मांग की।