अगले साल होने वाले उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा द्वारा किए गए एक आंतरिक सर्वे में पार्टी को 100 सीटें भी मिलती हुई दिखाई नहीं दे रही है। यह दावा एक अख़बार में किया गया है। अख़बार के अनुसार इस सर्वे रिपोर्ट से भाजपा नेताओं को यह आभास हो गया है कि पार्टी उत्तरप्रदेश में बिना क्षेत्रीय दलों के सहयोग से अपना मिशन पूरा नहीं कर सकती है। इसलिए भाजपा ने उत्तरप्रदेश के छोटे दलों पर डोरे डालने शुरू कर दिए है।
दैनिक भास्कर में छपी रिपोर्ट के अनुसार अख़बार के सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों भाजपा और आरएसएस की तरफ से एक आंतरिक सर्वे कराया गया था। इस सर्वे के अनुसार पार्टी अगले चुनाव में 100 सीटों के अंदर सिमट सकती है। साथ ही अख़बार में कहा गया है कि दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से उत्तरप्रदेश को लेकर जो राजनैतिक उठापटक चल रही है वह भी इसी सर्वे की वजह से है। आंतरिक सर्वे में हो रहे नुकसान को देखते हुए भाजपा और संघ के शीर्ष नेताओं की सक्रियता भी अचानक से लखनऊ में बढ़ गई है।