5 रमजान 28 मार्च 2023
कार्यालय आयतुल्लाह अल उज़मा सैय्यद सादिक़ हुसैनी शीराज़ी से जारी हेल्प लाइन पर नीचे दिए गये प्रश्नो के उत्तर मौलाना सैयद सैफ अब्बास नक़वी एवं उलेमा के पैनल ने दिए-
लोगों की सुविधा के लिए ‘‘शिया हेल्पलाइन’’ कई वर्षों से धर्म की सेवा कर रही है, इसलिए जिन मुमेनीन को उनके रोज़ा, नमाज़ या किसी अन्य धार्मिक समस्या के बारे में संदेह है, तो वह तमाम मराजए के मुकल्लेदीन के मसाएले शरिया को जानने के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे आप इन नंबरों 9415580936, 9839097407 पर तक संपर्क कर सकते हैं। एवं ईमेलः उंेंम स786/हउंपसण्बवउ पर संपर्क करें।
नोट- महिलाओं के लिए हेल्प लाइन शुरू की गयी है जिस मे महिलाओं के प्रश्नों के उत्तर खातून आलेमा देेगीं इस लिए महिलाओं इस न0 पर संपर्क करें। न0 6386897124
प्रश्न: अगर रोज़ा के कारण शिशु की खुराक पर असर पड़ रहा है तो क्या उसका रोजा सही होगा।
उत्तरः अगर शिशु की खुराक मे कमी पर असर पड़ रहा है रोज़ नही रखा जाए गा।
प्रश्नः रमज़ान में क़ुरआने करीम पढ़ने और आम दिनों में इसकी तिलावत करने का क्या सवाब होगा?
जवाबः मासूम (अ.स.) ने फरमाया है कि रमज़ान में एक आयत पढ़ने का सवाब दूसरे महीनों में एक मुकम्मल क़ुरआन के बराबर है।
प्रश्न: अगर कोई व्यक्ति रोज़ा रख कर सफर करना पड़े तो क्या हुक्मे शराई है?
उत्तर: रोज़ादार रोज़ा रख कर सफर करना पड़े तो वह ज़वाल (12 बज कर 15 मिनट ) के बाद सफर कर सकता है। मतलब अपने शहर के होदूद को पार करे।
प्रश्न: ज़कात जेवरात पर भी अदा की जाएगी ?
उत्तरः ज़कात सोने पर वाजिब है लेकिन जो जेवर महिला प्रयोग में लाती है उन पर जकात नही दी जाएगी।
प्रश्न: खुम्स कैसे वाजिब होता है उसकी क्या शर्त है ?
उत्तरः खुम्स फरूवे दीन में है जो कि हर एक पर वाजिब है अगर साल भर का खर्च करने के बाद कुछ बचे तो उस में से पॉचवा हिस्सा खुम्स निकाला जाएगा।





