प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रूस के राष्ट्रपति के सलाहकार और समुद्री बोर्ड के अध्यक्ष मिस्टर निकोलाई पेत्रुशेव का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने समुद्री क्षेत्र में सहयोग, कनेक्टिविटी, कौशल विकास, जहाज निर्माण और ब्लू इकोनॉमी में नए अवसरों पर चर्चा की।
*द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर*
इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया ¹ ²।
*भारत-रूस संबंधों का महत्व*
भारत और रूस के बीच संबंध बहुत मजबूत हैं और बाहरी प्रभावों से इन पर कोई असर नहीं पड़ता है। दोनों देश हर क्षेत्र में एक दूसरे का साथ देते हैं और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं ¹।




