लखनऊ, 5 जनवरी शिया धर्म गुरू मौलाना सैयद सैफ अब्बास नकवी ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान कोएटा में 11 कोयला खदान मजदूरों की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान में आतंकवाद का बोल बाला है और नए साल की शुरुआत में पाकिस्तान अपना गंदा चेहरा दिखाया। पाकिस्तानी जो खुद को इस्लामी देश कहता है, वास्तव में आईएसआई के इशारे पर काम कर रहा है और लगातार अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहा है। गुरुद्वारों और मंदिरों और इमानबाडों को ध्वस्त किया जा रहा है और शिया, हिंदू और सिख मारे जा रहे हैं।
जिस तरह से पाकिस्तानी सरकार ने आतंकवादियों को छूट दी है। अपहृत श्रमिकों के नाम पूछना और फिर शियाओं को मारना इस बात का प्रमाण है कि वहां अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं। अगर हम अतीत को देखें तो सऊदी अरब के इशारे पर पाकिस्तान में शियाओं और अन्य अल्पसंख्यकों को सताया जा रहा है। कुछ दिनों पहले, गुरुद्वारों, मंदिरों और इमाबाडांे को नुकसान पहुंचा गया था और 11 गरीब मजदूर इस तरह से शहीद हुए हैे। हम संयुक्त राष्ट्र से आग्रह करते हैं कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक को सुरक्षा प्रदान करने के लिए पाकिस्तान सरकार को तुरंत प्रतिज्ञा दिलाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो।
मौलाना सैयद सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि दुनिया भर के शिया पाकिस्तानी शियाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और हम देश के सभी संगठनों और संस्थानों से अपील करते हैं कि वे पाकिस्तान में शियाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र को एक पत्र भेजें कर विरोध दर्ज किया जाना चाहिए। आज ऐसा लगता है कि आतंकवादी संगठन पाकिस्तान में कानून से ऊपर हो गए हैं। जो अल्पसंख्यक को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं।