नेपाल में हालिया राजनीतिक उथल-पुथल के बीच सुप्रीम कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम (कार्यवाहक) प्रधानमंत्री बनाने पर प्रमुख दलों और जनरेशन-जी (Gen-Z) प्रदर्शनकारियों के बीच सहमति बन गई है। यह फैसला देश में सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ चले आंदोलन और हिंसा के बाद आया है, जिसके परिणामस्वरूप पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया। आइए इसकी विस्तृत जानकारी समझें।
पृष्ठभूमि: क्या हुआ नेपाल में?
आंदोलन का कारण नेपाल सरकार द्वारा लगाए गए सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ युवा (Gen-Z) प्रदर्शनकारियों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। यह आंदोलन हिंसक हो गया, जिसमें कई मौतें हुईं और राजनीतिक अस्थिरता बढ़ गई।
ओली का इस्तीफा दबाव में आकर प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने 9-10 सितंबर 2025 के आसपास इस्तीफा दे दिया। सेना ने सुरक्षा की कमान संभाली और राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल को आर्मी मुख्यालय में रखा गया।
– **अंतरिम सरकार की जरूरत**: संसद भंग करने और नए चुनाव कराने के बीच संक्रमणकालीन व्यवस्था के लिए अंतरिम सरकार गठित करने पर चर्चा हुई। Gen-Z नेताओं ने वर्चुअल मीटिंग में सुशीला कार्की के नाम पर 58% वोट दिए, जबकि काठमांडू मेयर बालेन शाह को कम समर्थन मिला।
सुशीला कार्की कौन हैं?
सुशीला कार्की (जन्म: 7 जून 1952, बिराटनगर) नेपाल की पहली और एकमात्र महिला मुख्य न्यायाधीश रही हैं। उनका संक्षिप्त प्रोफाइल निम्नलिखित है:
| पहलू | विवरण |
|——————-|———————————————————————–|
| **शिक्षा** | – 1972: बीए (महेंद्र मोरंग कैंपस, विराटनगर)
– 1975: एमए (राजनीति विज्ञान, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, भारत)
– 1978: एलएलबी (त्रिभुवन विश्वविद्यालय, नेपाल) |
| **कैरियर** | – 1979: वकालत शुरू
– 2009: सुप्रीम कोर्ट में अस्थायी जज
– 2010: स्थायी जज
– 2016: कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, फिर 11 जुलाई 2016 से 7 जून 2017 तक मुख्य न्यायाधीश |
| **महत्वपूर्ण फैसले** | – उनके कार्यकाल में माओवादी सेंटर और नेपाली कांग्रेस के महाभियोग प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया, जिससे बड़ा विवाद हुआ।
– कई हाई-प्रोफाइल मामलों में निष्पक्ष फैसले दिए। |
| **विवाद** | – 2017 में महाभियोग प्रयास के कारण कार्यपालिका में हस्तक्षेप का आरोप लगा, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
– उनके पति हरि प्रसाद कार्की ने 1971 में नेपाल का पहला विमान अपहरण किया था (बॉलीवुड अभिनेत्री माला सिन्हा सवार थीं)। |
वह वर्तमान में 73 वर्ष की हैं और लेखिका के रूप में भी सक्रिय हैं।
#### सहमति कैसे बनी?
– **Gen-Z का समर्थन**: प्रदर्शनकारियों ने सुशीला कार्की को अंतरिम पीएम के रूप में चुना, क्योंकि वह निष्पक्ष और अनुभवी मानी जाती हैं। काठमांडू मेयर बालेन शाह का नाम पहले चर्चा में था, लेकिन कार्की पर आम सहमति बनी।
– **दलों की बैठक**: राष्ट्रपति, प्रधान सेनापति, संसद स्पीकर, राष्ट्रीय सभा अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश प्रकाश सिंह राउत की मौजूदगी में बैठक हुई। प्रमुख दलों ने संवैधानिक प्रतिबंध के बावजूद “आवश्यकता के सिद्धांत” पर सहमति दी।
– **संवैधानिक आधार**: नेपाल के संविधान के अनुसार, जब पीएम इस्तीफा देता है या सदन भंग होता है, तो राष्ट्रपति अंतरिम पीएम नियुक्त कर सकता है। कार्की को यह भूमिका मिलने से नया चुनाव कराने में मदद मिलेगी। हालांकि, संसद भंग करने पर अभी मतभेद हैं।
#### वर्तमान स्थिति (12 सितंबर 2025 तक)
– **कन्फर्मेशन में देरी**: नाम लगभग तय है, लेकिन औपचारिक ऐलान में सस्पेंस बरकरार। कुछ रिपोर्ट्स में संसदीय विघटन और राजशाही की वापसी की अटकलें भी हैं, लेकिन मुख्य फोकस अंतरिम सरकार पर है।
– **चुनौतियां**: आंदोलन ठंडा पड़ रहा है, लेकिन नेताओं की सुरक्षा चिंता बनी हुई है। सेना अभी देश चला रही है।





